लखनऊ में दिखेगा संस्कृति और आध्यात्म का हाईटेक संगम, संस्कृति संगहालय में जीवंत होंगी भारतीय परंपराएं

 


लखनऊ, 08 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के राजधानी लखनऊ में जल्द ही ऐसा सांस्कृतिक संग्रहालय विकसित होने जा रहा है, जहां उत्तर प्रदेश की जनजातीय विरासत, लोक परंपराएं, संस्कार और भारतीय जीवन दर्शन आधुनिक तकनीक के साथ जीवंत रूप में देखने को मिलेंगे। इसी क्रम में 'उत्तर प्रदेश संस्कृति संग्राहलय-म्यूजियम एंड रिचुअल सेंटर' परियोजना के निर्माण और क्यूरेशन कार्य के लिए राज्य सरकार ने करीब 23.42 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 8 करोड़ रुपये की धनराशि जारी करने की अनुमति भी दे दी गई है।

इंटरैक्टिव गैलरियों में जीवंत होगी जनजातीय संस्कृति

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि, इस संग्रहालय का विजन केवल एक भवन तैयार करना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की जनजातीय और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक अंदाज में दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है। यहां प्रदेश की प्रमुख जनजातियों की संस्कृति, परंपराएं, जीवनशैली, आध्यात्मिक सोच और लोक ज्ञान को इंटरैक्टिव गैलरियों के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा।

प्रवेश प्लाजा से ओपन थिएटर तक, हर सुविधा में दिखेगी संस्कृति

परियोजना के तहत प्रवेश प्लाजा, पार्किंग, स्मारिका केंद्र, कैफेटेरिया, पुस्तकालय, ऑडिटोरियम, आवास ब्लॉक, ओपन थिएटर, तालाब, एडमिन ब्लॉक, निगरानी टावर और सौर ऊर्जा उत्पादन प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। संग्रहालय का पूरा ढांचा पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक डिजाइन के समन्वय पर आधारित होगा। यहां आने वाले पर्यटक केवल प्रदर्शनी नहीं देखेंगे, बल्कि भारतीय संस्कारों और जीवनचक्र को अनुभव भी कर सकेंगे।

पांच तत्वों और वैदिक परंपराओं में दिखेगा भारतीय संस्कार

गैलरी-1 में भारतीय रीति-रिवाजों की उत्पत्ति, वैदिक परंपराएं और प्रकृति के पांच तत्व-पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश के साथ उनके संबंध को दर्शाया जाएगा। यहां 270 डिग्री प्रोजेक्शन स्क्रीन के माध्यम से ओरिएंटेशन फिल्म दिखाई जाएगी। इसी गैलरी में सोलह संस्कारों को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा, जिनमें गर्भाधान, नामकरण, अन्नप्राशन, उपनयन, विवाह, संन्यास और अंत्येष्टि जैसे संस्कार शामिल होंगे। होलोग्राफिक प्रोजेक्शन और पीतल की भित्ति चित्रों के माध्यम से इन संस्कारों को आधुनिक और आकर्षक रूप में प्रदर्शित किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन