मताधिकार पर हमला स्वीकार नहीं किया जायेगा : आराधना मिश्रा

 


लखनऊ, 07 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि किसी नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाना केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि उसके लोकतांत्रिक अधिकार को प्रभावित करने वाला गंभीर कदम है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस स्पष्ट कहना चाहती है कि संविधान और मताधिकार पर किसी भी प्रकार का हमला स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आराधना मिश्रा ‘मोना ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के दौरान संविधान बदलने के लिए 400 पार का नारा दिया था, लेकिन संविधान रक्षक नागरिकों ने उत्तर प्रदेश में भाजपा को आधा कर दिया और भाजपा की सत्ता को बैसाखियों पर ला दिया। इसके बाद भाजपा ने संविधान पर प्रहार का दूसरा रास्ता निकाला और एसआईआर के नाम पर देश के करोड़ों लोगों को उनके मताधिकार से वंचित करने का षड्यंत्र रचा गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी पिछले एक वर्ष से अधिक समय से इस असंवैधानिक प्रक्रिया के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं। आज हम चार पुख्ता प्रमाण देश और प्रदेश के सामने रख रहे हैं, जो यह सवाल खड़ा करते हैं कि वोट चोरी की दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है जिस उत्तर प्रदेश ने भाजपा को सबक सिखाया, उसी उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को सबसे ज्यादा हटाया गया। आज हम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और वाराणसी से सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछना चाहते हैं कि जब मतदाता सूची में सबसे ज्यादा नाम उत्तर प्रदेश से ही काटे गए तो आपने आपत्ति लेना तो दूर, मतदाताओं से छीने गए अधिकारों को ही सही ठहराने का काम क्यों किया। चुनाव आयोग प्रत्येक श्रेणी का जिला वार और बूथ वार आंकड़ा सार्वजनिक करे तथा हटाए गए प्रत्येक मतदाता की सूची और हटाने का कारण सार्वजनिक करे।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन