नगर निगम की 17वीं बोर्ड बैठक में 1878 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी
गोरखपुर, 26 फ़रवरी (हि.स.)। गोरखपुर नगर निगम की 17वीं बोर्ड बैठक गुरुवार को महापौर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें नगर निगम के वर्षिक बजट सहित शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई। लंबी बहस और हंगामे के बीच सदन ने 1878 करोड़ रुपये की अनुमानित आय वाले बजट को मंजूरी प्रदान कर दी।
बैठक की शुरुआत से ही पार्षदों ने अपनी वरीयता निधि को बढ़ाकर एक करोड़ रुपये किए जाने की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्षदों का कहना था कि वर्तमान निधि से वार्डों में विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करना संभव नहीं हो पा रहा है। काफी देर तक चली बहस और नारेबाजी के कारण सदन का माहौल गर्म बना रहा।
बैठक के दौरान देर से पहुंचे ग्रामीण विधायक विपिन सिंह की मौजूदगी में पार्षदों ने अपना मासिक भत्ता बढ़ाने की मांग भी उठाई। इसके साथ ही पार्षदों ने भवन निर्माण के नक्शे पास करने का अधिकार नगर निगम को दिए जाने की मांग रखते हुए कहा कि इससे आम जनता को राहत मिलेगी और अनावश्यक प्रशासनिक जटिलताएं कम होंगी।
सदन में विरासत गलियारा परियोजना में हो रही देरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। पार्षदों ने कहा कि निर्माण कार्य लंबित रहने से स्थानीय व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, इसलिए कार्य में तेजी लाई जाए।
वार्ड संख्या 72 के पार्षद देवेंद्र गौंड ने शायराना अंदाज में अपनी बात रखते हुए कहा, “जो तुमको हो पसंद वही बात करेंगे, तुम दिन को अगर रात कहो, रात कहेंगे,” जिस पर सदन में कुछ देर के लिए हल्का माहौल भी देखने को मिला।
बैठक में शहर की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने, सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुधारने, सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा पेयजल आपूर्ति को सुचारू रखने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने पार्षदों की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्षद वरीयता निधि को 65 लाख रुपये तक बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने प्रस्ताव रखा कि यदि गोरखपुर नगर निगम आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण में देश में प्रथम स्थान प्राप्त करता है तो सभी पार्षदों को 50 लाख रुपये अतिरिक्त निधि प्रदान की जाएगी।
हालांकि इस प्रस्ताव से असंतुष्ट पार्षदों ने पुनः हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद नगर आयुक्त ने संशोधित प्रस्ताव देते हुए पार्षद निधि को 70 लाख रुपये किए जाने तथा स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर 30 लाख रुपये अतिरिक्त देने की घोषणा की, जिसके बाद सदन का माहौल शांत हुआ।
बैठक में नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, ग्रामीण विधायक विपिन सिंह सहित नगर निगम के सभी विभागाध्यक्ष एवं पार्षद उपस्थित रहे। नगर निगम प्रशासन ने सभी जनप्रतिनिधियों से शहर के समग्र विकास के लिए सक्रिय सहयोग की अपील भी की।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय