बरसाना में धूमधाम से मना श्री राधारानी का प्राकट्य उत्सव, शाम को सफेद छतरी में विराजमान होकर दिए भक्तों को दर्शन

 




मथुरा, 19 सितम्बर(हि.स.)। बरसाना ब्रह्मांचल पर्वत पर स्थित प्रसिद्ध लाडली जी मंदिर में शनिवार को श्री राधा प्राकट्य उत्सव अत्यंत हर्षाेल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। मूल नक्षत्र की बेला में राधारानी के प्राकट्य के साथ ही पूरा बरसाना क्षेत्र भक्तिरस में डूब गया। इस अलौकिक उत्सव के साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु बरसाना पहुंचे थे। शाम को सफेद छतरी में विराजमान होकर दिए भक्तों को दर्शन दिए।

प्राकट्य उत्सव की शुरुआत शनिवार को भोर की किरणों से पूर्व ही हो गई थी। रात दो बजे से ही लाडली मंदिर में मंगल बधाइयों और लीला पदों का गायन शुरू हो गया था। सुबह 3:50 बजे गर्भगृह में वेदमंत्रों की गूंज और घंटे-घड़ियालों के नाद के बीच सर्वेश्वरी राधारानी के प्राकट्य की बेला आई।

ब्रजाचार्य नारायण भट्ट द्वारा प्रकट विग्रह को चांदी की चौकी पर विराजमान किया गया। आचार्य सूसट महाराज व गगन शास्त्री के सानिध्य और सेवायत भगवान दास गोस्वामी व जगदीश गोस्वामी की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच करीब एक घंटे तक भव्य जन्माभिषेक संपन्न हुआ।

लाडली जी का यह जन्माभिषेक बेहद खास रहा। दूध, दही, शहद, गाय के घी, इत्र और बूरा के साथ-साथ 27 पेड़ों की पत्तियां 27 स्थानों की रज (धूल) और 27 कुओं का जल सप्त अनाज, सात मेवा और सात फल कालिंदी समेत सात नदियों के पवित्र जल जैसे इन सभी द्रव्यों से वृषभानु नंदिनी का अभिषेक किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर फूलों की वर्षा से सराबोर रहा। अभिषेक पूर्ण होने के बाद महारानी को मनमोहक पीले रंग की पोशाक धारण कराई गई और हेलीकॉप्टर के माध्यम से लाडली मंदिर पर पुष्पवर्षा की गई। जन्मोत्सव की खुशी में नंदगांव से भी विशेष रूप से बधाई लेकर लोग बरसाना पहुंचे। वृषभानुजी को लाली के जन्म की बधाई देने के बाद पारंपरिक बधाई पदों, गायन और नृत्य के साथ श्वृषभानोत्सवश् मनाया गया। नंदगांव के गोस्वामियों को परंपरा के अनुसार बधाई के लड्डू वितरित किए गए। सुबह करीब आठ बजे शीश महल से लाडली जी ने भक्तों को दर्शन दिए, जबकि शाम को वे सफेद छतरी में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकलीं।

रावल (जो राधारानी की जन्मभूमि के रूप में पूजित है) और वृंदावन में भी राधा जन्मोत्सव पूरी भव्यता के साथ मनाया गया। बांके बिहारी मंदिर में आज प्रभु बांके बिहारी का विशेष रूप से राधारानी के दिव्य स्वरूप में श्रृंगार किया गया। मंदिरों की शोभा और उत्सव के उल्लास को देखने के लिए तीर्थयात्री परिवार सहित दूर-दूर से पहुँचे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन जगह-जगह बैरियर लगाकर व्यवस्था बनाने में जुटा रहा। रोडवेज बसों और अन्य निजी वाहनों से लगातार भक्तों का आगमन जारी रहा, जिससे पूरा ब्रजमंडल भक्तिमय और रससरोबार नजर आया।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार