सामाजिक न्याय के पुरोधा थे डॉ. सोनेलाल : कृष्णा पटेल
डॉ. सोनेलाल पटेल के परिनिर्वाण दिवस पर हुई संगोष्ठी में उठी हत्या की सीबीआई जांच की मांग
पार्टी नेता डाॅ. पल्लवी पटेल ने कहा- सत्ता पर कब्जा कर व्यवस्था बदलने के लिए वैचारिक मजबूती जरूरी
लखनऊ, 17 अक्टूबर (हि.स.)। अपना दल कमेरावादी के तत्वावधान में शनिवार को संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल के 17वें परिनिर्वाण दिवस पर राजधानी लखनऊ स्थित गांधी भवन प्रेक्षागृह में संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश भर के विभिन्न जनपदों से आए हुए पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने कहा कि अपना दल के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल सामाजिक न्याय के पुरोधा थे। कमेरा समाज के सामाजिक राजनीतिक और आर्थिक उत्थान के लिए उन्होंने जीवन भर संघर्ष किया। वे एक ऐसे समाज की परिकल्पना करते थे, जिसमें सभी को बिना किसी भेदभाव के समान अवसर प्रदान किया जाए और वंचित कमेरा समाज को उसकी हिस्सेदारी मिले। इसी उद्देश्य से उन्होंने न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत में एक मजबूत संगठन खड़ा किया।
शीर्ष नेता व सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि सत्ता पर कब्जा कर व्यवस्था बदलने के लिए वैचारिक मजबूती बहुत ही जरूरी है। इसलिए विचारधारा के आधार पर संगठन बनाते हुए बहुजन कमेरा राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध होकर आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आवाहन किया कि डॉ. पटेल के सपनों का देश व समाज बनाने के लिए एकजुट हों।
उन्होंने विगत 17 अक्टूबर 2009 को अपना दल के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत की सीबीआई जांच की मांग को पुनः उठाया। उन्होंने कहा कि देश के कमेरा समाज के नेता रहे डॉ. पटेल की घटना की उच्चस्तरीय जांच और खुलासा जरूर होना चाहिए, यह बहुजन कमेरा समाज की व्यापक जनभावना है, जो आज भी धधक रही है।
संगोष्ठी में दिल्ली विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर व लेखक डॉ. रतनलाल ने कहा कि संत रविदास, फूले, शाहू और अंबेडकर की धारा के वाहक सोनेलाल पटेल थे। उन्होंने राजनीतिक, सामाजिक आर्थिक उन्नति की बात की। लेकिन यह पिछलूपन से नहीं हो सकता। वंचित समाज की आर्थिक उन्नति के लिए भी ठोस पहल करने होंगे। शिक्षा बचाने के लिए हम लोगों को लड़ना होगा, उसी से हमें रोजगार और उन्नति मिलेगी।
वरिष्ठ पत्रकार शंभू कुमार सिंह ने कहा कि समाज का नेता ऐसा होना चाहिए जो समाज के लिए सड़क पर लड़ाई लड़े। आज अगर डॉ. सोनेलाल पटेल होते तो वह सड़कों पर उतर करके संवैधानिक लड़ाई लड़ रहे होते। इसलिए अगर अन्याय हो रहा हो तो समाज की लड़ाई लड़िए। सबसे पहले आपको बोलना पड़ेगा, चुप नहीं रहना पड़ेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सी. एल. पटेल एवं संचालन प्रदेश महासचिव गगन प्रकाश यादव ने किया, जिसमें प्रमुख रूप से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रोफेसर गंगाराम यादव, राधेश्याम पटेल, इं. पारुल पटेल, मोहम्मद हफीज मोबिन, आनंद हीराराम पटेल, साधना साहू, ऊदल राजभर, अशोक पटेल आदि ने भी विचार व्यक्त किया।
हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा