दिल्ली के भगीरथ पैलेस से कानपुर तक पहुंची संदिग्ध एंटी रेबीज वैक्सीन की जांच

 


कानपुर, 23 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली के भगीरथ पैलेस दवा बाजार में संदिग्ध नकली एंटी रेबीज वैक्सीन को लेकर हुई कार्रवाई की जांच अब कानपुर तक पहुंच गई है। बुधवार को शहर के बिरहाना रोड स्थित थोक दवा मार्केट की एक फर्म से वैक्सीन की खरीद और बिलिंग से जुड़े तथ्य सामने आने के बाद ड्रग विभाग ने संबंधित स्थान पर कार्रवाई करते हुए करीब 481 वैक्सीन बरामद की हैं। मामले में सप्लाई चेन और वैक्सीन के बैच नंबर की जांच की जा रही है।

एंटी रेबीज वैक्सीन कुत्ते या अन्य संक्रमित जानवर के काटने के बाद रेबीज से बचाव के लिए लगाई जाती है। ऐसे में इसके असली या नकली होने की पुष्टि और सप्लाई के स्रोत का पता लगाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिल्ली में कार्रवाई के बाद कानपुर से कनेक्शन सामने आने पर दवा कारोबारियों में भी मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

बिरहाना रोड दवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजय जायसवाल ने बताया कि दिल्ली का भगीरथ पैलेस देश के प्रमुख दवा बाजारों में शामिल है। कानपुर के कई थोक दवा कारोबारी भी वहां से दवाओं की खरीद करते हैं। उन्होंने बताया कि मौजूदा मामले में कानपुर की ‘न्यू आरजे’ फर्म के माध्यम से एंटी रेबीज वैक्सीन मंगाए जाने की जानकारी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है।

अजय जायसवाल के अनुसार, असली और नकली वैक्सीन की जांच में बैच नंबर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कंपनी की ओर से तैयार की जाने वाली प्रत्येक वैक्सीन और दवा पर बैच नंबर दर्ज होता है। जांच में दिल्ली के भगीरथ पैलेस से जारी बिल में दर्ज बैच नंबर और बरामद वैक्सीन के बैच नंबर का मिलान किया जाएगा। यदि दोनों का मिलान होता है तो वैक्सीन की सप्लाई करने वाले पक्ष की भूमिका की जांच की जाएगी। वहीं, यदि बरामद वैक्सीन का बैच नंबर व्यापारी द्वारा खरीदी गई दवा के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता है और फिर भी उसे बेचने की बात सामने आती है तो संबंधित व्यापारी की भूमिका की भी जांच होगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल मामले की जांच जारी है और व्यापार मंडल पुलिस की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है।

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जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मामले से जुड़ी फर्म के व्यापारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में वैक्सीन कहां से आई, किस माध्यम से कानपुर पहुंची और इसे आगे कहां सप्लाई किया जाना था, इन बिंदुओं को भी देखा जा रहा है। दवा व्यापार मंडल अध्यक्ष ने कहा कि जांच में यदि किसी व्यापारी की संलिप्तता सामने आती है तो व्यापार मंडल स्तर से भी कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप