किसानों की आय बढ़ाने को पशुपालन और गो-आधारित गतिविधियों को दें बढ़ावा : धर्मपाल सिंह
बांदा, 12 सितंबर (हि.स.)। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में सर्किट हाउस सभागार में मंडलीय समीक्षा बैठक हुई। इसमें बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर और महोबा में पशुपालन, गोवंश संरक्षण, गौशाला संचालन, दुग्ध उत्पादन और विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को पशुपालन को कृषि से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि कृषि और पशुपालन एक-दूसरे के पूरक हैं। किसानों को गो-आधारित प्राकृतिक खेती, जैविक खाद, गोबर-गोमूत्र के उपयोग और दुग्ध उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। पशु चिकित्साधिकारी गांवों में जाकर पशुपालकों को पशु स्वास्थ्य, बेहतर प्रबंधन और पशुओं से होने वाली आय के बारे में जानकारी दें।
उन्होंने उत्कृष्ट पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए पशु मेलों के आयोजन और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने के निर्देश दिए। बांदा की नरैनी, रगौली और भटपुरा गौशालाओं में गोबर से दीपक, कंडे, जैविक खाद, गोबर पेंट समेत उपयोगी उत्पाद तैयार कराकर उनके विपणन की व्यवस्था करने को कहा। गौशालाओं में बायोगैस उत्पादन को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया।
मंत्री ने सभी गौशालाओं में हरे चारे और पौष्टिक आहार की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही गोबर से उत्पाद तैयार कराने में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को जोड़कर उन्हें रोजगार और आय का साधन उपलब्ध कराने को कहा।
बांदा में दो नई गौशालाओं और एक पशु चिकित्सालय की स्थापना का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पांडेय को दिए गए। मुर्गी, बकरी और सूकर पालन को भी ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने का माध्यम बनाने तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का अनुदान और प्रशिक्षण दिलाने पर जोर दिया गया।
देशी गायों के नस्ल सुधार और संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना तथा प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने को कहा गया। उन्होंने पशुपालकों को 1962 टोल-फ्री मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा की जानकारी देने के निर्देश दिए।
लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) की रोकथाम के लिए संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने, टीकाकरण और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। मंत्री ने कहा कि गांव, किसान और पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी ढंग से पहुंचाकर मंडल में पशुपालन क्षेत्र को और मजबूत किया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह