अंगदपुर ब्राह्मण समाज की बैठक में यूजीसी बिल के विरोध
बागपत, 20 सितंबर (हि.स.)। जनपद के अंगदपुर (जोहड़ी) गांव में पूर्व प्रधान पंडित सुरेंद्र शर्मा के आवास पर रविवार को ब्राह्मण समाज की एक प्रभावशाली बैठक आयोजित की गई, जिसमें खाप चौधरियों और गणमान्य लोगों ने बढ़ती सामाजिक कुरीतियों पर चिंता जताते हुए कई अहम प्रस्ताव पारित किए। बैठक में युवाओं में तेजी से बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति, ऑनर किलिंग, भ्रूण हत्या जैसे गंभीर मुद्दों के साथ यूजीसी बिल का विरोध प्रमुख रूप से सामने आया।
बैठक में पंडित सुभाष शर्मा ने कहा कि नशा आज समाज के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, जिससे युवा पीढ़ी भटक रही है और परिवार टूट रहे हैं।
उन्होंने आरक्षण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था में प्रतिभा और मेरिट प्रभावित हो रही है, इसलिए आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू किया जाना चाहिए ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को ही इसका लाभ मिल सके। समाजसेवी नीरज पंडित और ललित शर्मा ने कहा कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति अपराध को जन्म दे रही है, जो समाज के लिए घातक है। वहीं थांबा चौधरी ओंकार शर्मा ने यूजीसी बिल को भेदभावपूर्ण बताते हुए सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
बैठक की अध्यक्षता पंडित सुभाष शर्मा (चौरासी देश खाप ब्राह्मण समाज) ने की, जबकि संचालन मास्टर पंकज शर्मा ककड़ीपुर और डॉ. सतीश शास्त्री ने संयुक्त रूप से किया।
बैठक में बिनौली ब्लॉक अध्यक्ष जगदीश शर्मा, पवन शर्मा, राजपाल शर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने भी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होकर अभियान चलाने और आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग दोहराई। इस मौके पर सर्वखाप चौधरी नरेश शर्मा, कृष्णपाल शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, प्रधान प्रहलाद, हरिओम शर्मा, ऋषिपाल शर्मा, राजेंद्र शर्मा, अनिल शर्मा, पंकज शर्मा, पुनीत शर्मा, सचिन पंडित, बिट्टू, रजनीश, सतेंद्र कौशिक, विजयपाल शर्मा, रविंद्र भारद्वाज और मुकेश शर्मा समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन त्यागी