एंकर इंडस्ट्री पार्टनर' से बदलेगी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की तस्वीर
-नई क्लस्टर नीति के तहत कानपुर क्लस्टर के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की सूरत बदलने की तैयारी शुरू-अब सरकारी आईटीआई में ट्रेनिंग का पूरा सिस्टम बड़े उद्योगों और कंपनियों के हिसाब से होगा तैयार -एंकर इंडस्ट्री पार्टनर' और विशेषज्ञों के चयन के लिए सरकारी टेंडर जार
कानपुर, 02 जून (हि.स.)। हमारा पूरा ध्यान इस बात पर है कि आईटीआई से निकलने वाले छात्रों को उद्योगों में सीधे रोजगार मिले। पाण्डुनगर आईटीआई को मॉडल संस्थान बनाकर हम इसे सर्वश्रेष्ठ केंद्रों में शुमार करने जा रहे हैं। योजना को पूरी तरह जमीन पर उतारने से पहले हम देश के बड़े उद्योगपतियों के साथ एक विशेष सेमिनार भी करने जा रहे हैं ताकि कानपुर के औद्योगिक माहौल के हिसाब से इसका सटीक रोडमैप तैयार किया जा सके। यह बातें मंगलवार को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) पांडुनगर के नोडल प्रधानाचार्य हरीश मिश्रा ने कही।
योगी सरकार ने कानपुर क्लस्टर के सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) का कायाकल्प करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम सेतु' योजना के तहत कानपुर के इन संस्थानों को सीधे उद्योगों की वर्तमान जरूरत के हिसाब से अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग ने 'एंकर इंडस्ट्री पार्टनर' और विशेषज्ञों के चयन के लिए बकायदा सरकारी टेंडर जारी कर दिया है।
कार्यस्थल पर तैनात रहेंगे विशेषज्ञ
इस पूरे प्रोजेक्ट में सबसे खास नियम यह तय किया गया है कि चुने जाने वाले कन्सल्टेंट्स और औद्योगिक पार्टनर्स की तैनाती पूरी तरह से 'ऑनसाइट' यानी सीधे संस्थानों में होगी। ये विशेषज्ञ सीधे ग्राउंड पर मौजूद रहकर ट्रेनिंग के पूरे ढांचे को सुधारेंगे। इसका सीधा फायदा छात्रों को मिलेगा, जिन्हें पुरानी किताबी थ्योरी के बजाय सीधे लाइव प्रोजेक्ट्स और आधुनिक मशीनों पर व्यावहारिक काम सीखने को मिलेगा, जिससे पढ़ाई खत्म होते ही उनका सीधा प्लेसमेंट हो सके।
लखनऊ रोजगार भवन से हो रही निगरानी
कानपुर क्लस्टर के इस पूरे अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट की सीधी कमान और मॉनिटरिंग राजधानी लखनऊ से की जा रही है। इस पूरी परियोजना के मुख्य रिपोर्टिंग अधिकारी रमेश आचार्य बनाए गए हैं। कन्सल्टेंट्स और औद्योगिक घरानों के चयन के नियमों को अंतिम रूप देने के लिए पहली प्री-बिड बैठक व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के लखनऊ स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित की जा चुकी है। काम की जरूरत और प्रगति को देखते हुए खरीदार के पास अनुबंध की अवधि को 25 प्रतिशत तक घटाने या बढ़ाने का विशेष अधिकार भी सुरक्षित रहेगा।
हर छात्र की होगी डिजिटल पहचान
इस पूरे सिस्टम को हाईटेक और पारदर्शी बनाने के लिए हर एक छात्र के लिए 'अपार आईडी' की डिजिटल व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू की जा रही है। इस डिजिटल आईडी के जरिए स्टूडेंट्स की पढ़ाई, उनकी हाजिरी और लाइव ट्रेनिंग का पूरा रिकॉर्ड एक क्लिक पर ऑनलाइन देखा जा सकेगा। इस नए क्लस्टर प्लान को पूरी तरह जमीन पर उतारने से पहले सरकार देश के बड़े-बड़े उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट दिग्गजों के साथ एक विशेष सेमीनार भी करने जा रही है, ताकि आगे का पूरा रोडमैप मिलकर तय किया जा सके।
आउटडेटेड कोर्स बंद होंगे
आईटीआई में छात्र अब वर्षों पुराने ढर्रे के कोर्स नहीं पढ़ेंगे। आज के दौर की आधुनिक फैक्ट्रियों में जो डिमांड है, उसी तरह के कोर्स पढ़ाए जाएंगे। कानपुर क्लस्टर के संस्थानों से ऐसे सभी पुराने और अप्रासंगिक पाठ्यक्रमों को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। अब सिर्फ वही नए और आधुनिक कोर्स चलेंगे जिनकी इस समय बाजार में सबसे ज्यादा मांग है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप