अमेठी में महिलाओं का प्रदर्शन, योजनाओं की जमीनी हकीकत पर उठाए सवाल
अमेठी, 21 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के अमेठी जनपद मुख्यालय गौरीगंज में रीता जनकल्याण समिति के तत्वावधान में महिलाओं ने हाथों में झंडे और डंडे लेकर साेमवार काे धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद महिलाएं विकास भवन स्थित जिला विकास अधिकारी और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पहुंचीं। उन्हाेंने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में कथित लापरवाही का मुद्दा उठाया।
समिति की अध्यक्ष रीता सिंह ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय से नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजनाएं कागजों पर संचालित हो रही हैं, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रीता सिंह ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर 01 से 06 वर्ष तक के बच्चों को मिलने वाले पुष्टाहार के नियमित वितरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बच्चों को हर माह पुष्टाहार मिलना चाहिए, लेकिन कई जगह इसके वितरण में लापरवाही की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने ग्राम विकास अधिकारियों के ब्लॉकों पर नियमित रूप से उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा कि परिवार रजिस्टर की नकल जैसे जरूरी दस्तावेजों के लिए ग्रामीणों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
समिति ने आवारा पशुओं की समस्या भी प्रमुखता से उठाई। आरोप लगाया गया कि सड़कों पर घूम रहे सांड और आवारा पशु किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। समिति ने पुष्टाहार का मासिक वितरण सुनिश्चित कराने, ग्राम विकास अधिकारियों के ब्लॉकों पर बैठने का दिन निर्धारित करने तथा आवारा पशुओं को गौशालाओं में भेजने की व्यवस्था तत्काल प्रभावी करने की मांग की। समिति ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / लोकेश त्रिपाठी