राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय में विकास और उत्कृष्टता के नए युग की शुरुआत

 






अमेठी, 21 अगस्त (हि.स.)। अमेठी जिले के फुरसतगंज स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय (RGNAU) ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, प्रगति और विकास को मीडिया के माध्यम से साझा करने के उद्देश्य से जनसंपर्क अधिकारी अर्चना गुप्ता के द्वारा शुक्रवार को प्रेस वार्ता की गई । विश्वविद्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कुलपति प्रो. भगुनाथ सिंह ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध, आधारभूत संरचना और संस्थागत साझेदारियों से जुड़ी उपलब्धियों की जानकारी दी।

राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रघुनाथ सिंह ने बताया कि RGNAU देश का पहला और एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय है, जो पूरी तरह विमानन एवं वैमानिकी से संबंधित क्षेत्र को समर्पित है। पिछले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालय ने शिक्षा, शोध, आधारभूत संरचना और उद्योग सहयोग के क्षेत्र में तेजी से विस्तार किया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत@2047 की परिकल्पना के अनुरूप RGNAU देश के विमानन तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए लगातार आगे बढ़ रहा है। विश्वविद्यालय में छात्र संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 111 छात्रों से बढ़कर वर्तमान में छात्र संख्या 352 हो गई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया अभी जारी है। विश्वविद्यालय में अब पांच स्कूलों के अंतर्गत विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनमें इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी, विमानन विज्ञान, प्रबंधन, मूल विज्ञान एवं मानविकी तथा उन्नत एवं अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी शामिल हैं। बीटेक, एमटेक, बीएससी, बीबीए, बीपीएमएस, एमबीए और पीएचडी सहित ड्रोन प्रौद्योगिकी तथा बुनियादी अग्निशमन में कौशल आधारित पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।

शोध के क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। RGNAU में अब तक कुल 31 शोध प्रकाशन दर्ज किए गए हैं, जिनमें 15 शोध-पत्रिका लेख, 12 सम्मेलन पत्र, तीन पुस्तक अध्याय और एक पेटेंट शामिल है। वहीं, शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में विश्वविद्यालय के शिक्षण स्टाफ की संख्या बढ़कर 37 हो गई है, जिसमें 24 नियमित और 13 संविदात्मक शिक्षक शामिल हैं।

विश्वविद्यालय ने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ अब तक 54 साझेदारियां की हैं। इनमें 41 शोध सहयोग तथा 13 समझौता ज्ञापन शामिल हैं। विश्वविद्यालय की साझेदारियों में रोल्स-रॉयस, बोइंग समूह, एचएएल, जीएमआर एविएशन एकेडमी, एमआरओ एसोसिएशन ऑफ इंडिया, पर्ड्यू विश्वविद्यालय अमेरिका और कोरिया एयरोस्पेस विश्वविद्यालय सहित कई प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं। इसके अलावा आईआईटी रोपड़, भिलाई, पटना और बीएचयू वाराणसी जैसे संस्थानों के साथ भी सहयोग किया गया है। विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्थानों के माध्यम से विमानन क्षेत्र में रोजगारपरक शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी, फुरसतगंज में सीपीएल कैडेट्स के लिए विमानन में बीएससी तथा एमएससी कैडेट्स के लिए एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग से जुड़े पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग में कुल 150 सीटों की प्रवेश क्षमता है। वहीं, यूएबीआरएएस कॉलेज ऑफ एविएशन से संबद्ध संस्थान एविएशन सर्विसेज एवं एयर कार्गो में बीएमएस तथा एविएशन लॉजिस्टिक मैनेजमेंट में एमबीए पाठ्यक्रम संचालित करता है, जिसमें कुल 120 सीटों की क्षमता है। आधारभूत संरचना के क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय ने विस्तार किया है। वर्ष 2025 में इलेक्ट्रॉनिक्स लैब, इलेक्ट्रिकल लैब, विंड टनल लैब, विमान संरचना प्रयोगशाला और नया पुस्तकालय स्थापित किया गया। नया छात्रावास, संकाय आवास, नया सभागार तथा प्रस्तावित 500 एकड़ के हरित परिसर का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। विमानन उत्कृष्टता केंद्र तथा स्मार्ट ड्रोन एवं यूएवी लैब की स्थापना की दिशा में भी कार्य चल रहा है।

कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय ने शिकायत निवारण समितियों, रैगिंग-रोधी प्रकोष्ठ, शोध बोर्ड और सेवानिवृत्ति नीतियों के साथ-साथ बौद्धिक संपदा अधिकार, शोध नीति, करियर विकास, कार्यकारी कार्यक्रम और परामर्श सेवाओं को शामिल करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की आगे की रणनीति लचीले शैक्षणिक कार्यक्रम, नवोन्मेषी शोध एवं विकास, गुणवत्तापूर्ण संकाय एवं स्टाफ, सहयोग एवं शोध साझेदारी, जनसंपर्क एवं प्रसार, विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना, कुशल प्रशासन और उत्कृष्टता की संहिता जैसे प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। RGNAU समुदाय विमानन एवं वैमानिकी क्षेत्र में विश्वविद्यालय को वैश्विक उत्कृष्टता केंद्र बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।

राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय भारत सरकार के नागरिक विमानन मंत्रालय के तत्वावधान में स्थापित केंद्रीय विश्वविद्यालय है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विमानन क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उद्योग-सहयोग के लिए विश्वस्तरीय पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / लोकेश त्रिपाठी