अमेठी पुलिस ने सीखी सांकेतिक भाषा
अमेठी, 23 सितंबर (हि.स.)। विशेष जरूरत वाले नागरिकों से बेहतर संवाद और उनकी शिकायतों के प्रभावी निस्तारण के लिए अमेठी पुलिस ने बुधवार को नवीन पुलिस लाइंस में भारतीय सांकेतिक भाषा पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की। ऑल उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ द डेफ के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सांकेतिक भाषा की मूलभूत जानकारी के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक सरवणन टी., अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह, सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, पुलिस कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी तथा महिला पुलिसकर्मियों ने प्रतिभाग किया।
उल्लेखनीय है कि प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से संवाद करने की प्रारंभिक विधियां सीखीं। इसका उद्देश्य श्रवण एवं वाक बाधित व्यक्तियों सहित विशेष जरूरत वाले नागरिकों को अपनी समस्याएं और शिकायतें पुलिस के समक्ष सहजता से रखने में सक्षम बनाना तथा उनके मामलों के निस्तारण को अधिक प्रभावी बनाना है।
कार्यशाला के समापन पर पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. ने प्रशिक्षकों को सांकेतिक भाषा के माध्यम से धन्यवाद दिया और प्रशिक्षण एवं सहयोग के लिए उन्हें प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिसिंग का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक संवेदनशील और मानवीय तरीके से पहुंचना भी है। विशेष जरूरत वाले लोगों के प्रति पुलिस का व्यवहार सहज, सम्मानजनक और संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण पुलिसकर्मियों को ऐसे नागरिकों की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने और उनके साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने में मदद करेगा। अमेठी पुलिस की यह पहल जन-केंद्रित और संवेदनशील पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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हिन्दुस्थान समाचार / लोकेश त्रिपाठी