छात्राओं को प्रेरणा देने और भविष्य संवारने का माध्यम है पूर्व छात्र सम्मेलन : प्रो. पप्पी मिश्रा

 


कानपुर, 09 अप्रैल (हि.स.)। दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज का परिसर गुरुवार को पुरानी यादों और नए संकल्पों का साक्षी बना। पूर्व छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए वर्तमान छात्राओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में शिक्षा, संघर्ष और सफलता की कहानियां गूंजती रहीं। पूर्व छात्राओं ने संस्थान के प्रति जुड़ाव और योगदान की भावना जताई। यह मंच छात्राओं को प्रेरणा देने और भविष्य संवारने का माध्यम है। यह बातें सम्मेलन समन्वयक प्रो. पप्पी मिश्रा ने कही।

सिविल लाइंस स्थित दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज में आयोजित पूर्व छात्र सम्मेलन की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व छात्राएं शामिल हुईं, जिन्होंने अपने छात्र जीवन की यादों को साझा करते हुए कॉलेज के साथ अपने भावनात्मक जुड़ाव को दोहराया।

प्राचार्या वंदना निगम ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल पुराने साथियों से मिलने का अवसर देते हैं, बल्कि संस्थान के विकास में सहयोग और मार्गदर्शन का भी मजबूत माध्यम बनते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कॉलेज ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है और यहां से निकली छात्राएं विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

वर्ष 2002 की पासआउट डॉ. पूनम बाजपेई ने अपने संघर्ष की कहानी साझा करते हुए बताया कि सिविल सर्विसेज की तैयारी में कई वर्षों तक प्रयास करने के बावजूद चयन नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और वर्ष 2022 में एएनडी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर बनीं। उन्होंने छात्राओं को लक्ष्य तय कर निरंतर मेहनत करने की सलाह दी।

वहीं वर्ष 2022 की पासआउट तनिष्का चौधरी ने बताया कि उन्होंने लगातार परिश्रम के बल पर वर्ष 2024 में पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल कर खंड विकास अधिकारी का पद प्राप्त किया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कॉलेज और परिवार को दिया।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया और भविष्य में ऐसे आयोजनों को और व्यापक स्तर पर आयोजित करने की बात कही गई।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप