उप्र बिजली उपभोक्ता संगठन का जबरन स्मार्ट मीटर लगाने का आरोप, किया प्रदर्शन
मुरादाबाद, 16 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश बिजली उपभोक्ता संगठन ने स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए गुरुवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संगठन का आरोप है कि सरकार के दिशा-निर्देशों और बिजली कानून का उल्लंघन कर उपभोक्ताओं की बिना अनुमति के जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।
ज्ञापन में कहा गया कि केंद्रीय स्तर पर यह स्पष्ट किया गया है कि उपभोक्ता की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर नहीं लगाया जा सकता, इसके बावजूद लोगों को गुमराह, बहलाकर और दबाव बनाकर मीटर लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि इन मीटरों को बाद में अचानक प्रीपेड में बदल दिया गया, जिससे उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
संगठन के अनुसार हजारों उपभोक्ता रोजाना बिजली दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। बिल जमा करने के बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो रही, जिससे आमजन का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने मांग की कि बिना अनुमति कोई भी स्मार्ट मीटर न लगाया जाए, पहले से लगे मीटरों को पोस्टपेड योजना में बदला जाए और जिन उपभोक्ताओं की सहमति नहीं ली गई, उनके पुराने मीटर बहाल किए जाएं। साथ ही उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर प्रभावी व्यवस्था करने की भी मांग उठाई गई।
हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल