यू-गर्डर्स की ढलाई पूरी, कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-2 के निर्माण ने पकड़ी रफ्तार

 


कानपुर, 20 मई (हि.स.)। कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-2 के एलिवेटेड सेक्शन में इस्तेमाल होने वाले सभी यू-गर्डर्स की ढलाई नौबस्ता कास्टिंग यार्ड में पूरी कर ली गई है। करीब 4.50 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड हिस्से के लिए कुल 158 यू-गर्डर्स तैयार किए गए हैं। इससे पहले पियर कैप्स और डबल टी-गर्डर्स की ढलाई भी पूरी हो चुकी है। यह बातें बुधवार को उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहीं।

कॉरिडोर-2 के अंतर्गत सीएसए से बर्रा-8 तक एलिवेटेड सेक्शन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। प्री-कास्ट तकनीक के जरिए तैयार किए जा रहे इन ढांचों को पहले नौबस्ता कास्टिंग यार्ड में बनाया जाता है और गुणवत्ता जांच के बाद निर्माण स्थल तक पहुंचाया जाता है। वहां क्रेन की सहायता से इन्हें निर्धारित स्थान पर स्थापित किया जाता है।

मेट्रो परियोजना में यू-गर्डर्स, आई-गर्डर्स, डबल टी-गर्डर्स और पियर कैप्स जैसी संरचनाएं वायाडक्ट निर्माण का अहम हिस्सा होती हैं। पियर कैप्स को पिलरों के ऊपर स्थापित किया जाता है, जिन पर यू-गर्डर्स और अन्य संरचनाओं का इरेक्शन किया जाता है। यू-गर्डर्स मेट्रो ट्रैक के आधार यानी वायाडक्ट निर्माण में उपयोग किए जाते हैं।

प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि कॉरिडोर-2 के एलिवेटेड सेक्शन का सिविल निर्माण तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि कॉरिडोर-1 के शेष सेक्शन कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक यात्री सेवाओं के विस्तार की तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं। यूपीएमआरसी की इंजीनियरिंग टीम शहरवासियों को समयबद्ध तरीके से मेट्रो सेवा उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।

गौरतलब है कि, लगभग 24 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-1 में आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक करीब 16 किलोमीटर रूट पर मेट्रो सेवाएं संचालित हो रही है। वहीं कॉरिडोर-1 के शेष हिस्से और करीब 8.60 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-2 का निर्माण कार्य तेजी से जारी है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप