सपा के घोषणापत्र में किसानों की खुशहाली के लिए होंगे फैसलें, सस्ती बिजली और समय पर होगा भुगतान : अखिलेश यादव

 


लखनऊ,30 सितंबर(हि.स.)। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को किसानों की पैदावार बढ़ाने, उपज का उचित मूल्य दिलाने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर किसान कैसे खुशहाल हो, पार्टी उस दिशा में काम करेगी। अखिलेश ने बिजली और राज्यसभा चुनाव के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर भी निशाना साधा।

सपा मुख्यालय में बुधवार काे पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश ने कहा कि किसानों का भुगतान 24 से 48 घंटे में सुनिश्चित किया जाएगा। पार्टी के घोषणापत्र में किसानों के पक्ष में कई फैसले होंगे। उन्होंने कहा कि जो सरकार दस साल में बिजली का कारखाना नहीं लगा सकी, वह किसानों को सस्ती बिजली कैसे उपलब्ध करा सकती है।

किसानों के संघर्ष का जिक्र करते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि किसानों की लड़ाई सबसे पहले चौधरी चरण सिंह ने लड़ी। अब समाजवादी पार्टी उनकी लड़ाई को आगे बढ़ा रही है। सपा अध्यक्ष ने पार्टी के झंडे के रंगों को भी किसान और क्रांति से जोड़ते हुए कहा कि हरा रंग हरियाली की क्रांति और लाल रंग दूसरी क्रांति का प्रतीक है।

अखिलेश ने कहा कि किसानों की पैदावार बढ़े और इनको सही मूल्य मिले। सरकार बनने पर हमारा किसान कैसे खुशहाल हो, उस दिशा में हम लोग काम करेंगे। प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि, एक ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी चढ़ावा चोरी से नहीं बनेगी।

राज्यसभा चुनाव में दो प्रत्याशियों के नामांकन करने और चुनाव से जुड़े सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा कि लोकतंत्र में जिसकी संख्या अधिक हो, उसे अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली बार भाजपा की भूमिका के कारण सपा के तीन सांसद राज्यसभा नहीं पहुंच सके। भाजपा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उसे बड़ा कार्यालय बनाने के बजाय चुनाव आयोग में ही एक फ्लोर ले लेना चाहिए था।

अखिलेश ने कहा कि सपा ने नई पीढ़ी के व्यक्ति को राज्यसभा भेजने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत में कई दलों का प्रभाव है, इसलिए पार्टी ने उद्योग जगत से जुड़ाव बढ़ाने और कारोबार को प्रोत्साहित करने के लिए भी राज्यसभा सदस्य बनाने का फैसला किया है।

एसटीएफ से जुड़े एक सवाल पर अखिलेश ने कहा कि एसटीएफ में शामिल लोगों को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि एसटीएफ में एक विशेष जातीय समूह के लोगों की अधिकता है और उनके अनुसार पीडीए समाज के लोगों की हत्याओं के मामले सामने आए हैं। उन्होंने इस मुद्दे को सामाजिक प्रतिनिधित्व से जोड़ते हुए सवाल उठाया।

बृजभूषण शरण सिंह से जुड़े सवाल पर अखिलेश ने कहा कि उन्हें तय करना पड़ेगा कि वह हरा गमछा डालेंगे या लाल गमछा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा