उप्र विधानसभा मानसून सत्र में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और मंदिर चढ़ावे का मुद्दा उठाएगी सपा : अखिलेश यादव
लखनऊ, 02 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र की कार्यवाही के दौरान प्रदेश के युवाओं के बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए जवाब मांगा जाएगा। प्रदेश में बनाए एक्सप्रेस-वे और बिजली दरों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। साथ ही मंदिर चढ़ावा मामले को सदन कार्यवाही में शामिल किया जाएगा। यह बातें समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कही। वे रविवार को उत्तर प्रदेश विधानमंडल सत्र के पहले मीडिया को राजधानी लखनऊ के पार्टी मुख्यालय में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र चार दिन के लिए बुलाया जाना केवल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की सिर्फ औपचारिकता है। इन्हें मालूम है कि अब वो फिर सरकार में कभी वापस नहीं आएंगे, इसीलिए विधानसभा सत्र को महत्व नहीं दिया जा रहा है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षाओं के लीक होने के मामले में भारतीय जनता पार्टी को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा के साथ साथ उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा पेपर लीक हुए हैं, जिससे युवाओं और अभ्यर्थियों का मनोबल टूटा है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगे कहा कि जौहर विश्वविद्यालय को लेकर पहले दिन से प्रदेश की सरकार की नियत और मंशा ठीक नहीं रही। वो यूनिवर्सिट पर हथौड़ा चलाना चाहते हैं। उन्होंने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) ऑडिट-4 की रिपोर्ट जारी करते हुए प्रदेश में भाजपा सरकार द्वारा 10 साल में 26 हजार स्कूल बंद कीजने का दावा किया।
अखिलेश ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों में अगर एथेनॉल मिलाना इतना लाभदायक है तो कम से कम ऑटोमोबाइल कंपनियों को ये कहना चाहिए, इसे लेकर एड देने चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा