सपा ने विधान परिषद चुनाव में बदले दो उम्मीदवार, संजयन त्रिपाठी को गोरखपुर-फैजाबाद और डॉ. आकाश अग्रवाल को आगरा से उतारा

 


लखनऊ, 03 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) ने शनिवार को अपने दो प्रत्याशियों में बदलाव करते हुए गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. संजयन त्रिपाठी और आगरा खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. आकाश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में दोनों नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाते हुए उनका स्वागत किया और उनकी उम्मीदवारी की घोषणा की।

सपा ने इससे पहले गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कमलेश यादव और आगरा खंड स्नातक सीट से शशांक यादव को प्रत्याशी घोषित किया था। नए नामों की घोषणा के साथ दोनों सीटों पर पार्टी के पहले घोषित उम्मीदवार बदल गए हैं और राजनीतिक समीकरण भी।

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर संजयन त्रिपाठी के नाम ने राजनीतिक गतिविधियां बढ़ा दी हैं। वह पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से टिकट के दावेदार बताए जा रहे थे। भाजपा ने इस सीट से मौजूदा विधान परिषद सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया है। टिकट न मिलने पर संजयन त्रिपाठी ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की थी और दो अक्टूबर को नामांकन भी दाखिल किया था। अब सपा में शामिल होने के साथ ही पार्टी ने उन्हें अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।

अखिलेश यादव ने दोनों को लखनऊ पार्टी मुख्यालय में सदस्यता और प्रत्याशी बनाए जाने पर पत्रकारों को संबोधित किया। सपा अध्यक्ष ने प्रदेश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा और परीक्षा की व्यवस्था खराब हुई है तथा मतदाता सूची में भी गड़बड़ियां हैं। उनका आरोप था कि ऐसे लोगों के वोट बनाए गए हैं जो शिक्षक नहीं हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को 27 हजार नए वोट बढ़ाने का लक्ष्य दिया है। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा और इंडिया गठबंधन ने भाजपा को पराजित किया था और आगामी चुनाव में पीडीए की ताकत के सामने भाजपा टिक नहीं पाएगी।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी किसानों, युवाओं और समाज के वंचित वर्गों के मुद्दों को चुनाव में प्रमुखता से उठाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के घोषणापत्र में किसानों से जुड़ी कई बातें शामिल होंगी। उन्होंने सवाल किया कि जब बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए जा सकते हैं तो किसानों को राहत क्यों नहीं दी जा सकती। उन्होंने बेरोजगारी और रोजगार के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार को घेरा और कहा कि नई पीढ़ी तथा जेन-जी के सामने नौकरी और रोजगार की चुनौती है।

सपा अध्यक्ष ने पुलिस और एंबुलेंस व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी प्रदेश की पुलिस व्यवस्था पर टिप्पणी कर चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि एंबुलेंस व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा है।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना प्रस्तावित है। इन सीटों के चुनाव के बीच सपा द्वारा दो प्रत्याशियों में बदलाव से मुकाबले के राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा