वन कोर के नए कमांडिंग ऑफिसर बने अखिलेश कुमार
लेफ्टिनेंट जनरल ने संभाली मथुरा कोर की कमान
मथुरा, 01 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय सेना की सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मथुरा स्थित वन कोर (स्ट्राइक कोर) में नेतृत्व में बड़ा बदलाव हुआ है। लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार (सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल) ने गुरुवार को वन कोर के नए जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में आधिकारिक तौर पर पदभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने निवर्तमान जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल वी हरिहरन (अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल) से यह कमान संभाली।
नया कार्यभार संभालने के तुरंत बाद, लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार ने मथुरा सैन्य स्टेशन पर पहुंचकर देश के लिए बलिदान देने वाले शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही, उन्होंने कोर के सभी रैंक के जवानों को राष्ट्र की रक्षा के लिए सदैव मुस्तैद और तैयार रहने का कड़ा संदेश दिया।
उत्कृष्ट सैन्य पृष्ठभूमि वाले लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार ने अपनी शुरुआती पढ़ाई प्रतिष्ठित सैनिक स्कूल तिलैया और नेशनल डिफेंस एकेडमी एनडीए, पुणे से पूरी की है। इसके बाद, 13 जून 1992 को उन्हें भारतीय सेना की प्रतिष्ठित ‘द राजपूताना राइफल्स’ की चौथी बटालियन (4 राजपूताना राइफल्स) में कमीशन प्राप्त हुआ। उन्होंने उच्च शिक्षा के तहत मद्रास यूनिवर्सिटी से एम.एससी और उस्मानिया यूनिवर्सिटी से एमएमएस (मास्टर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज) की डिग्री हासिल की है।
लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार के पास विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों और जटिल ऑपरेशनल माहौल में कार्य करने का 34 वर्षों से अधिक का लंबा और समृद्ध अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर अग्रिम मोर्चों की कमान संभाली है। आतंकवाद-विरोधी और उग्रवाद-विरोधी अभियानों का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया है। अपनी मूल यूनिट (4 राजपूताना राइफल्स) के साथ-साथ राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर के कमांडर और स्ट्राइक कोर के इन्फैंट्री डिवीजन के जीओसी के रूप में सेवाएं दी हैं।
सेना मुख्यालय में कर्नल जनरल स्टाफ, कर्नल मिलिट्री सेक्रेटरी और ब्रिगेडियर डिसिप्लिन एंड विजिलेंस (ए) जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाली है। देश की सुरक्षा के प्रति उनकी निष्ठा, उत्कृष्ट नेतृत्व और असाधारण सेवाओं के लिए उन्हें ‘सेना मेडल’, ‘विशिष्ट सेवा मेडल और दक्षिण पश्चिम कमान के जीओसी इन सी कमेंडेशन कार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार