एयर मार्शल बी. मणिकांतन, एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, सेंट्रल एयर कमांड हुए सेवानिवृत्त
प्रयागराज, 31 मई (हि.स)। एयर मार्शल बी. मणिकांतन, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, सेंट्रल एयर कमांड आज रविवार को भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्त हो गए। उन्होंने राष्ट्र की चार दशकों तक विशिष्ट और समर्पित सेवा की।
यह जानकारी रक्षा मंत्रालय, प्रयागराज के पीआरओ ने देते हुए बताया कि एयर मार्शल बी. मणिकांतन 07 जून 1986 को आईएएफ में कमीशन हुए थे। वे एक हेलीकॉप्टर कॉम्बैट लीडर थे, जिन्हें आईएएफ के बेड़े में शामिल विभिन्न रोटरी और फिक्स्ड विंग विमानों पर लगभग 5555 घंटे उड़ान भरने का व्यापक अनुभव था। अपने शानदार कॅरियर के दौरान, एयर मार्शल ने कई महत्वपूर्ण कमांड और स्टाफ पदों पर कार्य किया। राष्ट्र के प्रति उनकी असाधारण और विशिष्ट सेवा को मान्यता देते हुए, एयर मार्शल को परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक और वायु सेना पदक से सम्मानित किया गया।
उन्होंने बताया कि सेंट्रल एयर कमांड के एओवी-इन-सी के रूप में, एयर मार्शल का कार्यकाल एक रणनीतिक दृष्टिकोण, प्रेरणादायक नेतृत्व और पेशेवर उत्कृष्टता द्वारा परिभाषित रहा। सेंट्रल एयर कमांड की परिचालन तत्परता को मजबूत करने में उनका नेतृत्व अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने सभी प्रमुख परिचालन आदेशों का निर्बाध और प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित किया, जिसमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सीएसी की लड़ाकू संपत्तियों द्वारा निभाई गई शानदार भूमिका भी शामिल है। उनका कार्यकाल व्यावसायिकता और परिचालन दक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के प्रति अटूट प्रतिबद्धता द्वारा चिह्नित रहा। जटिल भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं का नेतृत्व करने से लेकर नागरिक-सैन्य समन्वय को बढ़ावा देने तक, उनका प्रभाव दूरगामी रहा है। सेंट्रल एयर कमांड उनकी अनुकरणीय सेवा को सलाम करता है और राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता है।
पीआरओ ने बताया कि, सेवानिवृत्त समारोहों के अवसर पर एक व्यापक ‘कमांडर्स कॉन्क्लेव’ का आयोजन किया गया। जिसमें सेंट्रल एयर कमांड के अंतर्गत आने वाले स्टेशनों और इकाइयों की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की गई और सतर्कता तथा तत्परता की संस्कृति पर विशेष जोर दिया गया। परिचालन उपलब्धियों से परे, उन्होंने एक वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से पर्यावरण और बल के मनोबल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। उन्होंने वायु योद्धाओं के साथ संवाद भी किया और उनके समर्पण तथा व्यावसायिकता की सराहना करते हुए, उन्हें आईएएफ के उच्चतम मानकों और परम्पराओं को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर, एयर मार्शल को औपचारिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया और उन्होंने कमांड युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद वायु योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र