हर व्यक्ति के हाथ में हों एआई के साधन : एन. चंद्रशेखरन

 














गोरखपुर, 15 अप्रैल (हि.स.)। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बुधवार काे गाेरखपुर में कहा कि समय के अनुरूप चलने के लिए आवश्यक है कि वर्तमान दौर में हर व्यक्ति के हाथ में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के साधन हों। एआई को लेकर किसी भी तरह के भय या संशय में पड़ने की बजाय यह समझना होगा कि एआई, स्टीम इंजन और बिजली के अविष्कार जैसा दूरगामी प्रभावकारी बनने वाला है।

चंद्रशेखरन बुधवार को महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के सहयोग से बने पूर्वी यूपी के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में चंद्रशेखरन ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का मतलब अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग हो सकता है, लेकिन यह समग्र रूप से जीवन के सभी क्षेत्र में प्रभावकारी बदलाव लाता है। यह केवल एक तकनीक नहीं है बल्कि तकनीकी का ही एक मूलभूत परिवर्तन है। यह वर्तमान और भविष्य दोनों की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है। यह विश्व में उसी प्रकार का परिवर्तन लायेगा, जिस प्रकार स्टीम इंजन और बिजली के अविष्कार से आया था।

एआई से जीवन के हर क्षेत्र में आएगी क्रांति

टाटा संस के चेयरमैन ने कहा कि एआई न केवल रोजगार और व्यवसाय के लिए उपयोगी है बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में यह क्रांति लाएगा। उन्होंने कहा कि आज हमें प्रत्येक नागरिक को एआई के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता है। यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि समाज के सभी व्यक्तियों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए इसका उपयोग होना चाहिए। एआई आज ग्रामीण विकास, कृषि विकास तथा महिला सशक्तिकरण में महत्वूपर्ण भूमिका निभाने लगा है।

यूपी में उर्जा, प्रतिभा और स्केल की कमी नहीं

चंद्रशेखरन ने विश्वास व्यक्त किया कि एमपीआईटी में स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में नए-नए एआई टूल्स विकसित किए जाएंगे तथा नए स्टार्टअप प्रारम्भ होंगे। उन्होंने कहा कि नई उभरती तकनीकों का प्रशिक्षण केवल विज्ञान वर्ग एवं इंजीनियरिंग के छात्रों तक सीमित न किया जाए बल्कि प्रत्येक संकाय के छात्रों को इसमें सम्मिलित किया जाये। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में ऊर्जा, प्रतिभा और स्केल की कमी नहीं है। यहां के छात्र बहुत प्रतिभावान हैं। उन्होंने कहा कि हम यह चाहते है कि यूपी एआई के क्षेत्र में भारत का अग्रणी राज्य बने। हमें इन तकनीकों का जिम्मेदारी से उपयोग कर समाज के अंतिम व्यक्ति के विकास में लगाना चाहिए। जब इस देश के हर व्यक्ति के पास एआई का ज्ञान होगा और एआई साधन होंगे तब विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश की संकल्पना हकीकत में बदलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय