एआई तकनीक से पॉलीटेक्निक के छात्रों को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर

 




- इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, आईटी, सिविल सहित सभी प्रमुख ब्रांच के छात्रों ने लिया हिस्सा

- प्रशिक्षण के दौरान एआई के व्यावहारिक उपयोग, करियर विकल्प और रोजगार के नए अवसरों पर रहा विशेष फोकस

- ट्रेनिंग पूर्ण करने पर योगी सरकार देगी प्रमाण-पत्र, जिससे इंटर्नशिप और बेहतर नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे

कानपुर, 20 जनवरी (हि.स.)। अब कानपुर पॉलिटेक्निक के छात्र एआई के मदद से भविष्य संवारेंगे। उनके लिए नौकरी के नए रास्ते खुल गए हैं। योगी सरकार की ‘एआई प्रज्ञा’ पहल के तहत छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की फ्री ट्रेनिंग दी गई। इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, आईटी, सिविल सहित सभी प्रमुख ब्रांच के छात्रों को एआई का चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।

करीब 2500 छात्रों ने लिया हिस्सा

इस प्रशिक्षण में राजकीय पॉलिटेक्निक कानपुर के प्रथम, द्वितीय, तृतीय वर्ष और पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के करीब 2500 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इसमें इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, केमिकल, आईटी, सिविल, इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल, प्लास्टिक एंड मोल्ड टेक्नोलॉजी, टैक्सटाइल टेक्नोलॉजी, टैक्सटाइल केमेस्ट्री, पेंट टेक्नोलॉजी सहित सभी प्रमुख ब्रांच के छात्र शामिल रहे।

इंडस्ट्री-सर्टिफाइड कोर्स, छात्रों के लिए पूरी तरह निःशुल्क

यह इंडस्ट्री-सर्टिफाइड एआई कोर्स पूरी तरह निःशुल्क संचालित किया गया, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र भी आधुनिक तकनीक की शिक्षा से वंचित न रहें। प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को एआई के व्यावहारिक उपयोग, करियर विकल्प और रोजगार के नए अवसरों की जानकारी दी गई।

16 से 20 जनवरी तक चला प्रशिक्षण

‘एआई प्रज्ञा’ पहल के अंतर्गत संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त संस्था 1M1B (One Million for One Billion) के सहयोग से राजकीय पॉलिटेक्निक कानपुर में 16 से 20 जनवरी 2026 तक 4 दिवसीय निःशुल्क एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

‘एआई स्किल्स पासपोर्ट ’ से नौकरी के लिए होंगे तैयार

प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को ‘AI Skills Passport’ की जानकारी दी गई, जिससे वे अपनी स्किल्स को उद्योगों और बड़ी कंपनियों की जरूरत के अनुसार तैयार कर सकेंगे। इसका सीधा फायदा यह होगा कि छात्र आगे चलकर नौकरी, इंटर्नशिप और बेहतर करियर विकल्प हासिल कर सकेंगे।

कार्यक्रम की नोडल अधिकारी शालू सहरावत ने जानकारी दी कि प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को बताया गया कि एआई का इस्तेमाल कहां-कहां हो रहा है, इससे नौकरी के कौन से नए रास्ते खुल रहे हैं और भविष्य में करियर कैसे बनाया जा सकता है। सत्रों को इस तरह रखा गया कि छात्र आसानी से समझ सकें और खुद सवाल पूछ सकें।

मिलेगा यूपी सरकार का प्रमाण-पत्र

प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले छात्रों को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रमाण-पत्र दिया जाएगा, जिससे उन्हें इंटर्नशिप, स्टार्टअप और प्रतिष्ठित नौकरियों के अवसर सीधे मिल सकेंगे। इस कार्यक्रम का संचालन नोडल ऑफिसर शालू सहरावत एवं समन्वयक अधिकारी विनोद शर्मा के नेतृत्व में किया गया।

राजकीय पॉलिटेक्निक कानपुर के प्रधानाचार्य मुकेश चंद्र आनंद ने मंगलवार को बताया कि योगी सरकार की ‘एआई प्रज्ञा योजना’ हमारे विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा अवसर है। एआई जैसी आधुनिक तकनीक से जुड़कर छात्र अपने भविष्य को मजबूत बना सकते हैं। इस प्रशिक्षण से छात्रों में तकनीक को समझने और उसका सकारात्मक उपयोग करने की क्षमता विकसित हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अजय सिंह