विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत का आधार बनेगा कृषि विज्ञान कांग्रेस : योगी आदित्यनाथ

 


मुख्यमंत्री ने लखनऊ में विज्ञान कांग्रेस के उद्घाटन सत्र में कृषि वैज्ञानिकों का किया सम्मान

लखनऊ, 08 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बुधवार को उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) की ओर से गन्ना अनुसंधान संस्थान लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय कृषि विज्ञान कांग्रेस-2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश कृषि वैज्ञानिक सम्मान योजना (2025-26) के अंतर्गत चयनित उत्कृष्ट वैज्ञानिकों को सम्मानित भी किया ।

कृषि विज्ञान कांग्रेस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कृषि विज्ञान कांग्रेस विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि तकनीकि आवश्यक है लेकिन कम लागत व कम संसाधन से अधिक उत्पादन कैसे हो सकता है इस पर काम करने की आवश्यकता है। अब खेत ही प्रयोगशाला बने इस दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है। चुनौतियां हमेशा आती रहेंगी। हमें देशी पद्धति को विकसित करना होगा।

अन्नदाता खुशहाल तो देश व समाज खुशहाल होगामुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता खुशहाल होगा तो देश व समाज खुशहाल होगा। सरकार ने कृषि और खेती को अपने एजेण्डे का हिस्सा बनाया है। उन्हाेंने कहा कि 10 वर्षों से गन्ना किसानों का बकाया था और चीनी मिलें बंद हो रहीं थी लेकिन आज देश का 55 फीसदी गन्ना उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश कर रहा है। प्रदेश में 122 चीनी मिलें चल रही हैं। गन्ना मूल्य के भुगतान में देरी नहीं हो रही है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2014 से पहले किसान आत्महत्या कर रहा था, पलायन करता था। वह प्रताड़ित होता था। किसान उस समय चुनावी मुद्दा होता था। किसान के मन में अविश्वास था लेकिन डबल इंजन सरकार में आज किसान आत्महत्या नहीं कर रहा है। किसानों की आमदनी कई गुना बढ़ी है। बीज से लेकर उसके उत्पादन को बेचने के लिए नीति है। किसान को हर प्रकार से सहयोग मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साजिश के तहत गांव की आत्मनिर्भर इकाई को भंग किया गया। पहले किसान को केवल खेती तक सीमित नहीं था। वह कारीगर भी था। हमारा किसान उत्पादक भी था और उद्यमी था। आक्रान्ताओं ने खेती के साथ भारत की उद्यमिता पर हमला किया। जो किसान पहले उत्पादक था उसे केवल कच्चा माल तैयार करने का अधिकार दिया। परिणाम स्वरूप किसान बदहाल होता गया।

योगी ने कहा कि पहले बिजली और पानी नहीं था, समय पर बीज व उर्वरक नहीं मिल पाता था। किसान बदहाल था। आज किसान की स्थिति सुधरी है। हर गाय को 1500 रूपये महीना उसके भरण पोषण के लिए सरकार उपलब्ध करा रही है। प्राकृतिक खेती के साथ गौशालाओं को जोड़ें। बुन्देलखण्ड से अन्ना प्रथा समाप्त हो गयी है।

उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्यमंत्री कृषि बलदेव सिंह औलख, गौ-सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, उपकार के अध्यक्ष कैप्टन (से.नि.) विकास गुप्ता, इक्रीसेट के महानिदेशक डा. हिमांशु पाठक, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार एवं प्रमुख सचिव कृषि रवीन्द्र कुमार उपस्थित रहे।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन