प्रदेश के सभी विकासखंडों में 17 सितंबर से लगेंगे 05 दिवसीय मेले

 


खेती का मॉडल पेश करें कृषि विज्ञान केंद्र: सूर्य प्रताप शाही

लखनऊ, 15 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने 17 सितंबर को सेवा संकल्प अभियान के अवसर पर व्यापक स्वच्छता अभियान चलाने तथा प्रदेश के सभी विकासखंडों में पांच दिवसीय किसान मेलों के सफल आयोजन के निर्देश दिए हैं। कृषि मंत्री ने मंगलवार को कृषि भवन सभागार में प्रदेश के सभी 89 कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों एवं प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मंत्री ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) किसानों के लिए मंदिर के समान हैं यहां वैज्ञानिकों द्वारा किये जा रहे शोध व नवाचार केवल प्रक्षेत्रों तक सीमित न रहकर किसानों के खेतों में वास्तविक बदलाव के रूप में दिखने चाहिए। यह निर्देश उत्तर प्रदेश के करते हुए दिए। बैठक में स्थानीय स्तर पर दलहन व तिलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करने पर विस्तृत चर्चा की गई।

कृषि मंत्री ने वैज्ञानिकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे निर्धारित मॉड्यूल के अनुसार कार्य करते हुए केंद्रों पर व्यावहारिक गतिविधियों को तेजी से बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि देरी से बुवाई (लेट सोइंग) की प्रवृत्ति को हर हाल में बदलना होगा, क्योंकि इससे फसलों के उत्पादन और उत्पादकता दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। किसानों को समय से बुवाई, निराई-गुड़ाई और कटाई के लिए प्रेरित किया जाए तथा खेतों में लाइन सोइंग, इंटर क्रॉपिंग (सहफसली खेती) और बॉर्डर लाइनिंग जैसी उन्नत पद्धतियों को अनिवार्य रूप से लागू कराया जाए।

समीक्षा बैठक में कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव रवींद्र, विशेष सचिव लाल बहादुर यादव, बांदा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति एसवीएस राजू, मेरठ कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति त्रिवेणी दत्त, कानपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति संजीव गुप्ता, उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह, निदेशक कृषि टीएम त्रिपाठी सहित सभी 89 कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक एवं कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन