कृषि नवाचारों से टिकाऊ खेती को मिलेगा बढ़ावा : कुलपति

 


कानपुर, 16 अक्टूबर (हि.स.)। विद्यार्थियों की ओर से विकसित कृषि मॉडल और नवाचार खेती को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। कृषि शिक्षा को व्यावहारिक ज्ञान और तकनीकी नवाचारों से जोड़ने से विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में उद्यमिता के नए अवसर समझने में मदद मिलेगी। यह बातें शुक्रवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय पाठक ने चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित उत्तर क्षेत्रीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी में स्कूल ऑफ एडवांस्ड एग्रीकल्चर साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के स्टॉल का अवलोकन करते हुए कही।

मेले में सीएसजेएमयू के स्कूल ऑफ एडवांस्ड एग्रीकल्चर साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी ने अपने कार्यशील मॉडलों, कृषि आधारित उत्पादों और विद्यार्थियों के नवाचारों का प्रदर्शन किया। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव गुप्ता ने प्रो. विनय पाठक को प्रदर्शनी स्टॉल का भ्रमण कराया। इस दौरान स्कूल के निदेशक डॉ. हिमांशु त्रिवेदी ने विभिन्न मॉडलों और उत्पादों की कार्यप्रणाली की जानकारी दी।

प्रदर्शनी में कार्बन अवशोषण से संबंधित मॉडल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसके माध्यम से वातावरण से कार्बन को अवशोषित करने, मिट्टी में कार्बन का भंडारण बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में इसकी भूमिका समझाई गई। साथ ही टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में ऐसी तकनीकों के महत्व को भी प्रदर्शित किया गया।

प्रो. विनय पाठक ने विद्यार्थियों की ओर से तैयार किए गए मॉडलों और नवाचारों का अवलोकन कर उनकी सराहना की। मेले में विश्वविद्यालय की सहभागिता से विद्यार्थियों को कृषि अनुसंधान, तकनीकी विकास और व्यावहारिक खेती की जानकारी हासिल करने का अवसर मिला। इस आयोजन के माध्यम से किसानों, वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों के बीच कृषि तकनीकों एवं अनुभवों के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिला।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप