यूपी राइज 2026': इनोवेटिव स्टार्टअप आइडियाज से जॉब क्रिएटर बनेंगे आगरा के युवा

 


कार्यक्रम में 30 में से 11 बेहतरीन स्टार्टअप आइडियाज हुए शॉर्टलिस्ट, युवाओं ने दिखाई अपनी उद्यमशीलता

आंबेडकर विवि में छात्रों को दी गई उ.प्र. सरकार की रोजगारपरक और स्टार्टअप योजनाओं की विस्तृत जानकारी

आगरा, 15 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर यूपी' विजन को धरातल पर उतारने के लिए मंगलवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित जेपी सभागार में 'यूपी राइज 2026' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. आशु रानी और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उप निदेशक आत्रेय मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस आयोजन में शहर और आसपास के क्षेत्रों से आए 1000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं की मानसिकता में बदलाव लाकर उन्हें केवल नौकरी तलाशने वाला न बनाकर, स्वयं का उद्यम स्थापित कर दूसरों को रोजगार देने वाला 'जॉब क्रिएटर' (रोजगार सृजक) बनाना है।

नवाचार और स्टार्टअप को उत्तर प्रदेश सरकार की उड़ान

उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में नवाचार (इनोवेशन) और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए निरंतर और धरातलीय कार्य कर रही है। कार्यक्रम में युवाओं को राज्य सरकार की विभिन्न रोजगारपरक नीतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, यूपी स्टार्टअप फंड, मुख्यमंत्री अभ्युदय निशुल्क कोचिंग योजना और यूपी स्किल मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं पर प्रकाश डाला। इसके अलावा कन्या सुमंगला योजना, फ्री टैबलेट/स्मार्टफोन योजना और महिला सामर्थ्य योजना से जुड़ी नीतियों के माध्यम से मिलने वाली वित्तीय सहायता व आसान सब्सिडी के बारे में भी बताया गया, ताकि युवा बिना किसी आर्थिक बाधा के अपने स्टार्टअप को एक सफल बिजनेस मॉडल में बदल सकें।

विद्यार्थियों के इनोवेटिव स्टार्टअप आइडियाज ने खींचा ध्यान

यूपी राइज की थीम के अनुरूप, आगरा के युवाओं ने अपनी उद्यमशीलता का शानदार प्रदर्शन किया। आयोजन में कुल 30 स्टार्टअप आइडिया आए, जिनमें से 11 बेहतरीन आइडिया को शॉर्टलिस्ट किया गया। इनमें कलाकारों के लिए एआई आधारित मार्केटप्लेस 'Kalaverse', कंस्ट्रक्शन प्लानिंग को आसान बनाने वाला 'Build Easy AI', अनदेखे पर्यटन स्थलों को प्रमोट करने वाला 'Hidden India' और बेकरी के लिए 'Organic floral cream color' जैसे आइडियाज शामिल रहे। वहीं, ई-रिक्शा चालकों की बैटरी समस्या सुलझाने के लिए 'Saathi EV', हस्तशिल्प को बढ़ावा देने वाला 'The Craft Duo' और मंदिर के कचरे से उपयोगी उत्पाद बनाने वाले 'Temple 2 Green' जैसे अनूठे पर्यावरण-अनुकूल प्रोजेक्ट्स ने भी खूब वाहवाही लूटी।

'री-ऑयल' ने जीता प्रथम पुरस्कार, मेंटर्स ने किया मार्गदर्शन

जूरी और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के सामने बेहतरीन प्रेजेंटेशन देकर 'Re-Oil' (इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल के लिए डिजिटल मार्केटप्लेस) ने प्रथम स्थान हासिल कर 25,000 रुपये का मुख्य पुरस्कार जीता। वहीं, छात्रों की पढ़ाई को व्यवस्थित करने वाले 'Study App' और सोलर पैनल की सफाई के लिए रोबोटिक ब्रश तकनीक वाले 'Solar Sweep' की टीम संयुक्त रूप से रनरअप रही। छात्रों का मार्गदर्शन करने के लिए जाने-माने कॉर्पोरेट विशेषज्ञ हर्षित देसाई, कपिल त्रिमाल और विवेक गोयल बतौर मेंटर मौजूद रहे। गौरतलब है कि यूपी राइज कार्यक्रम प्रदेश के 25 शहरों के 30 प्रमुख कॉलेजों में आयोजित किया जाएगा। इसका अगला पड़ाव 18 सितम्बर 2026 को मथुरा स्थित जीएलए विश्वविद्यालय में होगा।

युवाओं के पास असीम क्षमता: कुलपति प्रो. आशु रानी

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने विद्यार्थियों के उत्साह और उनके इनोवेटिव आइडियाज की जमकर सराहना की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हमारे छात्र- छात्राओं में नवाचार की असीम क्षमता और संभावनाएं हैं। 'यूपी राइज 2026' जैसे मंच युवाओं को अपनी रचनात्मकता और उद्यमशीलता को प्रदर्शित करने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान कर रहे हैं। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। आज के युवा कल के सशक्त 'जॉब क्रिएटर' हैं, जो अपनी सोच से न सिर्फ अपना बल्कि पूरे समाज और प्रदेश का आर्थिक विकास सुनिश्चित करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / विवेक उपाध्याय