वित्तीय अनियमितताओं और अन्य आरोपों में महाप्रबंधक जलकल निलंबित
आगरा , 23 अप्रैल (हि.स.)। महाप्रबंधक(जल) जलकल विभाग, आगरा को वित्तीय अनियमिताओं,विभाग में नियम विरुद्ध नियुक्तियों,जांच में सहयोग न करने आदि आरोपों में प्रमुख सचिव नगर निकाय विभाग, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा बृहस्पतिवार को निलंबित कर दिया गया है और इस संबंध में निदेशक स्थानीय निकाय निदेशालय उ0 प्र0 को जांच सौंपी गई है।
आगरा में जलकल विभाग में नियुक्त जी एम अरुणेन्द्र कुमार राजपूत पर विगत काफी समय से जलकर की वसूली में निर्धारित लक्ष्य पूरा न करने, सुचारु पेयजल आपूर्ति में ढीलाई बरतने, पानी की पाइपलाइन बिछाने में वित्तीय अनियमितताओं और मनमाने ढंग से विभागीय नियुक्तियों करने जैसे गंभीर आरोप लग रहे थे, इस संबंध में नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने चार सदस्य टीम का गठन कर आरोपी के संबंध में जांच कमेटी से रिपोर्ट प्राप्त की और शासन को प्रेषित की।
शिशिर कुमार उपनगर आयुक्त की अध्यक्षता में गठित टीम द्वारा दी गई रिपोर्ट को नगर आयुक्त ने जनवरी 2026 में शासन को प्रेषित किया था शासन ने जांच कमेटी की संस्तुतियों पर गंभीर रुख अपनाते हुए कड़ा कदम उठाया और बृहस्पतिवार को जी एम अरुणेन्द्र कुमार राजपूत को निलंबित कर दिया।
पी गुरु प्रसाद,प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन, नगर निकाय अनुभाग के पत्रांक दिनांक 23 अप्रैल द्वारा निलंबन आदेश में आरोप हैं कि अरुणेंद्र राजपूत द्वारा वर्ष 2024 -25 में जलकर की समीक्षा में वसूली के निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया, जनसुनवाई कार्यक्रमों में भी अनुपस्थित रहे, ग्रीष्म काल में सुचारू पेयजल आपूर्ति में निर्देशों के बावजूद भी ढिलाई बरती गई। लक्ष्य से कम कर वसूली की गई। कई बार कारण बताओं नोटिस देने के बाद भी उनके कार्य आचरण में कोई सुधार नहीं हुआ।
यह भी आदेशित किया गया है कि जांच और निलंबन अवधि में अरुणेन्द्र राजपूत स्थानीय निकाय निदेशालय लखनऊ से सम्बद्ध रहेंगे।
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने निलंबन आदेश की पुष्टि की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vivek Upadhyay