जिलाधिकारी ने एक राजस्व निरीक्षक को प्रतिकूल प्रविष्टि ताे दूसरे काे जारी किया कारण बताओ नोटिस

 






देवरिया, 06 जुलाई (हि.स.)। देवरिया तहसील सदर में सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने जन शिकायतों की सुनवाई करते हुए राजस्व प्रकरणों के निस्तारण में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। निरीक्षण के दौरान एक राजस्व निरीक्षक को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई, जबकि एक अन्य राजस्व निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि धारा-24, धारा-116 तथा निर्विवाद वरासत के मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिजीत आर. शंकर ने संयुक्त रूप से फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जनसुनवाई के दौरान ग्राम बसडीला की सीमा शर्मा ने भूमि पर अतिक्रमण, ग्राम सिरजम के रामानंद यादव ने धारा-24 के आदेश के बावजूद भूमि पर कार्य न करने दिए जाने तथा ग्राम अरईपार के बसंत यादव ने अभिलेख में पिता का नाम गलत दर्ज होने की शिकायत की। वहीं पथरदेवा की प्रेमलता ने अपनी भूमिधरी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। जिलाधिकारी ने सभी मामलों में संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि राजस्व निरीक्षक अशोक कुमार ने धारा-116 के एक वर्ष पुराने आदेश का अनुपालन नहीं कराया, जिस पर उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। वहीं विशुनपुरा बाजार के तत्कालीन लेखपाल एवं वर्तमान राजस्व निरीक्षक उपेंद्र प्रजापति को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जिलाधिकारी ने नायब तहसीलदारों को लेखपालों और कानूनगो के कार्यों की नियमित समीक्षा करने तथा न्यायालय के आदेशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

पुलिस अधीक्षक ने भी पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई कर थाना प्रभारियों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में कुल 144 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 8 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। पुलिस एवं अन्य विभागों से 44-44, राजस्व विभाग से 42 तथा विकास विभाग से 14 शिकायतें प्राप्त हुईं। शेष 136 मामलों को एक सप्ताह में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देशों के साथ संबंधित विभागों को भेज दिया गया।

संपूर्ण समाधान दिवस के बाद जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और उपजिलाधिकारी ने तहसील परिसर में वृक्षारोपण किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने की अपील की। इसके बाद जिलाधिकारी ने तहसील परिसर एवं तहसीलदार न्यायालय का निरीक्षण कर साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव और लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक