परिश्रम, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाएं : बृजमोहन सिंह

 


कानपुर, 02 अप्रैल (हि.स.)। विद्यार्थी परिश्रम, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं, तभी वे सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि नए संकल्प और लक्ष्य तय करने का अवसर भी है। विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों का विकास भी उतना ही आवश्यक है, जिससे विद्यार्थी बेहतर नागरिक बन सकें। इसी उद्देश्य के साथ नए सत्र का शुभारम्भ किया गया, जहां विद्यार्थियों में उत्साह और ऊर्जा स्पष्ट रूप से दिखाई दी। यह बातें गुरुवार को बीएनएसडी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य बृजमोहन कुमार सिंह ने कही।

बेनाझाबर स्थित बीएनएसडी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज परिसर में गुरुवार को नवीन शैक्षणिक सत्र 2026–27 का शुभारम्भ आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। इस अवसर पर वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती का विधिवत हवन-पूजन किया गया। प्रातःकाल वैदिक मंत्रों की पवित्र ध्वनि से पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य शंकर बाजपेयी, उपप्रधानाचार्या मंजूबाला श्रीवास्तव सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सभी ने श्रद्धापूर्वक मां सरस्वती की आराधना करते हुए ज्ञान, बुद्धि और विवेक की कामना की।

इस दौरान शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों के मस्तक पर हल्दी-कुमकुम का तिलक लगाकर उनका स्वागत किया और नए सत्र के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्हें विद्यालय के नियम, अनुशासन और अध्ययन के महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के चेहरे पर नए सत्र को लेकर उत्साह और उमंग साफ नजर आई और वे अपने गुरुजनों के सानिध्य में आनंदित दिखे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और सफल, उज्ज्वल तथा ज्ञानवर्धक शैक्षणिक सत्र की कामना की।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप