'किशोरावस्था शिक्षा प्रशिक्षण' का मंडलीय प्रशिक्षण शुरु

 


किशोरावस्था जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील दौर : रीतु तोमर

मुरादाबाद, 12 अगस्त (हि.स.)। किशोरों को स्वस्थ, सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए 'किशोरावस्था शिक्षा प्रशिक्षण' प्रारम्भ किया गया। इसी को लेकर मंडलीय प्रशिक्षण का शुभारंभ बुधवार को एसएस इंटर कॉलेज मुरादाबाद में हुआ। इस प्रशिक्षण में मुरादाबाद मंडल के पांचों जनपद मुरादाबाद, अमरोहा, संभल, रामपुर और बिजनौर के पांच-पांच शिक्षक किशोरावस्था से जुड़े संवेदनशील विषयों पर विशेषज्ञों से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहें, ताकि विद्यालयों में विद्यार्थियों को वैज्ञानिक, सामाजिक, भावनात्मक एवं व्यवहारिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सके।

प्रशिक्षण का शुभारंभ मुख्य अतिथि संयुक्त शिक्षा निदेशक द्वादश मंडल मुरादाबाद शिवलाल व विशिष्ट अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक रीतु तोमर द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद लखनऊ एवं संयुक्त शिक्षा निदेशक, द्वादश मंडल मुरादाबाद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का संचालन संयुक्त शिक्षा निदेशक शिवलाल के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

संयुक्त शिक्षा निदेशक शिवलाल ने कहा कि किशोरावस्था शिक्षा केवल जानकारी देने का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में जीवन कौशल विकसित करने, सकारात्मक सोच, सुरक्षित व्यवहार, तनाव प्रबंधन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की दिशा में एक प्रभावी पहल है। इससे विद्यालयों का वातावरण अधिक संवेदनशील और सकारात्मक बनेगा।

जिला विद्यालय निरीक्षक रीतु तोमर ने कहा कि किशोरावस्था जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील दौर होता है। इस समय विद्यार्थियों को सही दिशा, वैज्ञानिक जानकारी और उचित परामर्श उपलब्ध कराने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत अहम है। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षकों से प्रशिक्षण में सीखी गई जानकारियों का प्रभावी क्रियान्वयन करने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण में संदर्भदाता बबिता मेहरोत्रा द्वारा किशोरावस्था शिक्षा कार्यक्रम के इतिहास व महत्व को बताया गया।सिद्धार्थ वर्मा द्वारा एड्स व एचआईवी की पूरी जानकारी दी गई।

-----------------

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल