झारखंड में विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज के विरोध में एबीवीपी ने किया प्रदर्शन

 


कानपुर, 13 अगस्त (हि.स.)। लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रखने वाले विद्यार्थियों पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों का खुला उल्लंघन है। लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित विद्यार्थियों को न्याय मिलना चाहिए। यह बातें गुरुवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के प्रांत मंत्री दिनेश यादव ने कहीं।

झारखंड में विद्यार्थियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में एबीवीपी, कानपुर महानगर के कार्यकर्ताओं ने छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने झारखंड सरकार का पुतला दहन कर नारेबाजी की। प्रदर्शन में करीब 250 कार्यकर्ता और विद्यार्थी शामिल हुए।

प्रांत मंत्री दिनेश यादव ने कहा कि विद्यार्थी परिषद छात्रहित और राष्ट्रहित के लिए लगातार संघर्ष करती रही है। विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान संवाद के जरिए किया जाना चाहिए, न कि बल प्रयोग के माध्यम से। परिषद ने घटना की निंदा करते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

महानगर मंत्री सुधांशु त्रिपाठी ने कहा कि विद्यार्थी अपने अधिकारों की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो परिषद देशभर में चरणबद्ध आंदोलन करेगी।

प्रांत सह मंत्री मयंक पासवान ने कहा कि सरकार को विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों को दंडित करने की मांग की।

प्रदर्शन में आशुतोष तिवारी, अनुराग शर्मा, यश पाल, गुंजन कुमार, लालू यादव, गिन्नी पांडे, प्रियंका माथुर, अर्शी तिवारी, अनामिका गोंड, आलोक सिंह, मयंक चौहान, अक्षत कुमार, प्रभात शर्मा और प्रथम प्रकाश द्विवेदी समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप