राष्ट्रविरोधी ताकतों के विरूद्ध छात्रों ने भरी हुंकार,कहा अराजकता स्वीकार नहीं

 








भारत का युवा स्वीकार नहीं करेगा बांग्लादेश-नेपाल जैसी अराजकता: अभय प्रताप सिंह

लखनऊ, 18 अक्टूबर (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के 'अराजकता छोड़ो, लोकतंत्र अपनाओ' आह्वान पर आज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विशाल छात्र हुंकार रैली का आयोजन किया गया। लखनऊ विश्वविद्यालय से हजरतगंज स्थित गांधी चौक तक निकाली गई। इस रैली में हजारों विद्यार्थियों एवं अभाविप कार्यकर्ताओं ने सहभागिता कर लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के प्रयासों के विरुद्ध एकजुटता का संदेश दिया। अभाविप की रैली को पुलिस प्रशासन ने परिवर्तन चौक पर बैरिकेडिंग कर रोकने का प्रयास किया। इस दौरान छात्रों व पुलिस के बीच भिडंत भी हुई। पुलिस की बैरिकेडिंग को बलपूर्वक हटाकर छात्र हजरतगंज पहुंचने में सफल रहे। हालांकि क्षेत्र संगठन मंत्री घनश्याम शाही व प्रान्त संगठन मंत्री अभिलाष बार—बार छात्रों को शांत करने का प्रयास कर रहे थे लेकिन इसके बावजूद छात्रों के जोश के आगे प्रयास निष्फल रहा।

रैली के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया गया कि भारत में सत्ता परिवर्तन का अधिकार केवल जनता के पास है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अराजकता अथवा दबाव की राजनीति स्वीकार्य नहीं है। निर्वाचन संबंधी शिकायतों का समाधान प्रमाणों और संवैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से होना चाहिए, न कि संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाकर या उनके प्रति अविश्वास फैलाकर।

भारत का युवा स्वीकार नहीं करेगा बांग्लादेश-नेपाल जैसी अराजकता: अभय प्रताप सिंह

प्रदर्शन से पहले लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित करते हुए अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह ने कहा, भारत का युवा बांग्लादेश-नेपाल जैसी अराजकता स्वीकार नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र जनता के विश्वास, मताधिकार और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर आधारित है। देश में सत्ता परिवर्तन का अधिकार केवल जनता के पास है, जो अपने मताधिकार के माध्यम से सरकारों को चुनती और बदलती है। लोकतंत्र में राजनीतिक असहमति का स्वागत है, लेकिन भीड़ के दबाव, अराजकता और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाकर सत्ता परिवर्तन का प्रयास स्वीकार्य नहीं है।

अभाविप के क्षेत्र संगठन मंत्री घनश्याम शाही ने कहा कि भारत लोकतंत्र है, भीड़तंत्र नहीं। सरकारें जनता के मतों से बनती और बदलती हैं, सड़क पर शक्ति प्रदर्शन से नहीं। बांग्लादेश और नेपाल के घटनाक्रमों से प्रेरित होकर भारत में भी अराजकता के माध्यम से सत्ता परिवर्तन की कल्पना करने वालों को समझना चाहिए कि भारत का लोकतंत्र मजबूत है और यहां सरकारों का भविष्य जनता तय करती है।

अवध प्रान्त के प्रान्त संगठन मंत्री अभिलाष ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय, उत्तराखंड, केरल और ओडिशा के छात्रसंघ चुनावों में अभाविप को मिली सफलता इस बात का प्रमाण है कि विद्यार्थी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखते हैं और राष्ट्र प्रथम की विचारधारा के साथ खड़े हैं।

अभाविप अवध प्रांत के प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा ने कहा लखनऊ में छात्र हुंकार रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह स्पष्ट किया है कि भारतीय युवाओं की ऊर्जा राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और देश की सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने में लगेगी।

कानपुर के प्रान्त संगठन मंत्री मनीष राय ने कहा कि भारत की युवा शक्ति की जड़ें अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सभ्यतागत चेतना और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध में हैं। भारत का युवा अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करता है और देश की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक, रचनात्मक एवं लोकतांत्रिक मार्ग अपनाने में विश्वास रखता है।

रैली में प्रमुख रूप से काशी प्रांत के प्रांत मंत्री शिवम सिंह, गोरक्ष प्रांत के प्रांत मंत्री मंगलम गुप्ता, अवध प्रांत के प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा तथा कानपुर प्रांत के प्रांत मंत्री दिनेश यादव की उपस्थिति रही।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन