लखनऊ विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणाम की अनियमितताओं को लेकर विद्यार्थी परिषद का प्रदर्शन

 


लखनऊ, 03 अगस्त (हि.स.)। स्नातक द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम एवं आंतरिक मूल्यांकन में व्याप्त गंभीर अनियमितताओं के विरोध में सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, लखनऊ विश्वविद्यालय इकाई के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे परिषद के कार्यकर्ताओं का कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन में असंगत अंक दिए गए हैं तथा अनेक छात्रों को परीक्षा में सम्मिलित होने के बावजूद अनुपस्थित दर्शा दिया गया है, जिससे उनके शैक्षणिक भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

छात्रों ने परीक्षा परिणाम में हुई गड़बड़ियों के तत्काल समाधान तथा दोषी अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। आंदोलन के प्रथम चरण में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक भवन की सांकेतिक तालाबंदी की। परिषद ने कहा कि जब बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेता, तब लोकतांत्रिक आंदोलन ही एकमात्र विकल्प बचता है।

अभाविप के प्रतिनिधिमंडल के साथ अर्थशास्त्र विभागविस्तृत वार्ता हुई। वार्ता के दौरान विभागाध्यक्ष ने मूल्यांकन प्रक्रिया में हुई त्रुटियों को स्वीकार करते हुए खेद व्यक्त किया तथा आश्वासन दिया कि संबंधित छात्रों के परिणामों में आवश्यक संशोधन कर उसी दिन शाम तक सभी त्रुटियों का निराकरण कर दिया जाएगा। इसके पश्चात विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को संबोधित ज्ञापन कुलसचिव को सौंपा तथा ज्ञापन में उल्लिखित सभी मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की। परिषद ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि प्रत्येक प्रभावित छात्र की समस्या का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा ने कहा, लखनऊ विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अनियमितताएं अत्यंत चिंताजनक हैं। विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। विद्यार्थी परिषद प्रत्येक छात्र को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और जब तक सभी त्रुटियों का पूर्ण समाधान नहीं होगा, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

लखनऊ विश्वविद्यालय इकाई मंत्री आर्यन कुशवाहा ने कहा, आज का आंदोलन छात्रों के धैर्य और आक्रोश दोनों का प्रतीक है। हमने पहले संवाद का प्रयास किया, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण हमें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। विभागाध्यक्ष ने अपनी त्रुटि स्वीकार करते हुए शाम तक परिणाम सुधारने का आश्वासन दिया है। विद्यार्थी परिषद इस पूरे प्रकरण की निगरानी करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक प्रभावित छात्र को न्याय मिले।

इकाई उपाध्यक्ष वर्तिका ने कहा, छात्र कई दिनों से विभागों और परीक्षा अनुभाग के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। यदि विद्यार्थी परिषद हस्तक्षेप नहीं करती तो छात्रों की समस्याएँ इसी प्रकार लंबित रहतीं। परिषद भविष्य में भी प्रत्येक छात्र के अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन