बीएचयू में एबीवीपी ने खोला मोर्चा, ‘चीफ प्रॉक्टर हटाओ, बीएचयू बचाओ’ का ऐलान
प्रेक्षागृह आवंटन की जांच से लेकर छात्रों पर कार्रवाई वापस लेने और सुरक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग, प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम
वाराणसी। बीएचयू में प्रशासनिक अनियमितताओं, सुरक्षा व्यवस्था और छात्रहित से जुड़े मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने मोर्चा खोल दिया है। विश्वविद्यालय इकाई ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखते हुए उनके समाधान के लिए सात दिन का समय दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो छात्रहित में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही अभाविप ने ‘चीफ प्रॉक्टर हटाओ, बीएचयू बचाओ’ अभियान चलाने का ऐलान किया है।
अभाविप ने 12 सितंबर को पंडित ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह के आवंटन को लेकर सवाल उठाया। संगठन का आरोप है कि नियमों और निर्धारित प्रक्रिया की अनदेखी कर कार्यक्रम के लिए प्रेक्षागृह आवंटित किया गया। साथ ही परफॉर्मिंग आर्ट्स संकाय के प्रमुख पर कथित दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया गया। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और बाहरी व्यक्तियों को परिसर में प्रवेश की अनुमति देने की प्रक्रिया सार्वजनिक करने की मांग की है।
छात्रों पर कार्रवाई का मुद्दा
अभाविप ने मूलभूत सुविधाओं समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर आवाज उठाने वाले छात्रों पर कार्रवाई का भी विरोध किया। संगठन का आरोप है कि कुछ छात्रों के खिलाफ समितियां गठित करने, प्राथमिकी दर्ज कराने और छात्रावास से वंचित करने जैसी कार्रवाई की गई। संगठन ने मामलों की निष्पक्ष समीक्षा कर गंभीर आपराधिक कृत्य सिद्ध नहीं होने पर कार्रवाई वापस लेने की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
संगठन ने बीएचयू और आईआईटी बीएचयू में सुरक्षाकर्मियों के वेतन में कथित अंतर का मुद्दा भी उठाया। अभाविप के अनुसार दोनों जगह लगभग समान अवधि की ड्यूटी के बावजूद वेतन में अंतर है। संगठन ने सुरक्षा व्यवस्था में अनुभवी और पूर्व सैनिकों को प्राथमिकता देने की मांग की। परिसर में बाहरी लोगों की आवाजाही, तेज रफ्तार वाहनों और हूटर बजाते काफिलों पर रोक लगाने की मांग भी की गई। महिला छात्रावासों के आसपास विशेष निगरानी व्यवस्था की मांग करते हुए संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे, स्ट्रीट लाइट और नियमित गश्त बढ़ाने की बात कही गई।
दुकानों पर सीसीटीवी और रेट लिस्ट की मांग
अभाविप ने मधुबन पार्क में शराब की बोतलें, बीयर के डिब्बे और सिगरेट मिलने का आरोप लगाते हुए दिन-रात सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। वहीं परिसर की दुकानों, विशेषकर वीटी क्षेत्र में, सीसीटीवी लगाने और खाद्य सामग्री की अनिवार्य मूल्य सूची प्रदर्शित करने की मांग की गई है। अभाविप ने कहा कि प्रेक्षागृह आवंटन की जांच, छात्रों पर कार्रवाई की समीक्षा, सुरक्षा व्यवस्था में सुधार और अन्य मांगों पर सात दिन में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।