अभाविप के छात्रा व्यक्तित्व विकास शिविर का हुआ शुभारंभ, सर्वांगीण विकास पर रहेगा जोर

 






गोरखपुर, 12 जून (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, गोरखपुर महानगर, दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ एवं रोवर्स-रेंजर्स के संयुक्त तत्वावधान में छात्रा व्यक्तित्व विकास शिविर का उद्घाटन कार्यक्रम गोरखपुर विश्वविद्यालय के रोवर्स-रेंजर्स सभागार में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी श्रद्धा मिश्रा तथा विशिष्ट अतिथि अभाविप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रो. सुषमा पाण्डेय उपस्थित रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी सुधा मोदी ने की।

उद्घाटन सत्र के पश्चात व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व कौशल, रचनात्मक गतिविधियों तथा कौशल विकास से संबंधित विभिन्न सत्र आयोजित किए गए, जिनमें छात्राओं को व्यावहारिक एवं प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।शिविर में छात्राओं को संगीत, नृत्य एवं मेहंदी कला का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से उनकी रचनात्मक प्रतिभा, आत्मविश्वास तथा व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रद्धा मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि आज की युवा पीढ़ी को केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नेतृत्व क्षमता, सामाजिक संवेदनशीलता, अनुशासन तथा नैतिक मूल्यों को भी अपने व्यक्तित्व का अभिन्न अंग बनाना चाहिए। उन्होंने छात्राओं से समाज एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तित्व विकास शिविर युवाओं के आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल को नई दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएँ देश की आबादी के लगभग आधे हिस्से का प्रतिनिधित्व करती हैं, किंतु प्रशासनिक पदों पर उनकी भागीदारी अभी भी अपेक्षाकृत कम है। इसलिए छात्राओं को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर आगे बढ़ना चाहिए तथा विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए स्वयं को तैयार करना चाहिए।

विशिष्ट अतिथि प्रो. सुषमा पाण्डेय ने छात्राओं को नेतृत्व, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद का उद्देश्य केवल छात्र हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि चरित्रवान, संस्कारित एवं उत्तरदायी नागरिकों का निर्माण करना भी है। उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच एवं सतत् प्रयास के माध्यम से जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं वरिष्ठ समाजसेवी सुधा मोदी ने कहा कि युवाओं में संस्कार, सेवा भावना और राष्ट्रभक्ति का विकास समय की आवश्यकता है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को छात्राओं के समग्र विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि छात्राएँ देश का भविष्य हैं और उनके व्यक्तित्व निर्माण में इस प्रकार के शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय