शिक्षक आत्महत्या प्रकरण में फरार निलंबित लिपिक संजीव सिंह ने किया सरेंडर

 

देवरिया बीएसए कार्यालय से जुड़े मामले में अब सभी आरोपितों पर पुलिस की कार्रवाई पूरी

सुसाइड नोट में तत्कालीन बीएसए और लिपिक को ठहराया गया था जिम्मेदार

गोरखपुर, 20 जून (हि.स.)। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में वांछित चल रहे देवरिया बीएसए कार्यालय के निलंबित लिपिक संजीव सिंह ने शनिवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अभिषेक चतुर्वेदी की अदालत में पेश होने के बाद उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। संजीव सिंह की गिरफ्तारी पर एसएसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

देवरिया जिले के रामनाथ कॉलोनी निवासी संजीव सिंह शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या मामले में नामजद आरोपित था। 22 फरवरी 2026 को गुलरिहा थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद से वह फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। गिरफ्तारी न होने पर उस पर इनाम घोषित किया गया था और कुर्की की कार्रवाई की तैयारी भी शुरू कर दी गई थी।

मामला 21 फरवरी 2026 को शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या से जुड़ा है। घटना के अगले दिन उनकी पत्नी गुड़िया सिंह ने गुलरिहा थाने में तहरीर देकर तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। तहरीर में प्रताड़ना, झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी और मानसिक दबाव बनाने की बात कही गई थी।

शिकायत के अनुसार, लगातार दबाव और प्रताड़ना से आहत होकर कृष्ण मोहन सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस जांच में यह आरोप भी सामने आया कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के नाम पर कृष्ण मोहन सिंह समेत तीन शिक्षकों से 16-16 लाख रुपये की मांग की गई थी।

आरोप है कि 20 फरवरी को कृष्ण मोहन सिंह को कार्यालय बुलाकर अपमानित किया गया था। इसके अगले ही दिन उन्होंने आत्महत्या कर ली। पुलिस को उनकी जेब से चार पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था।

इस प्रकरण में मुख्य आरोपित देवरिया की निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को गुलरिहा पुलिस ने 16 जून को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया था। ट्रांजिट रिमांड पर गोरखपुर लाने के बाद उन्हें बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

इसी मामले में आरोपित बनाए गए देवरिया जिले के गौरीबाजार थाना क्षेत्र के अर्जुनडीहा निवासी पूर्व प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह को पुलिस ने घटना के 10 दिन बाद ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि फरार चल रहे लिपिक संजीव सिंह के आत्मसमर्पण के बाद अब इस मामले में सभी आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय