भाजपा के कुप्रबंधन से नीट के बाद एसएससी जीडी का पेपर हुआ लीक: आआपा

 


आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता वंशराज दुबे ने कहा - भाजपा सरकार ने हर साल 2 करोड़ रोजगार देने के बजाए करोड़ों बेरोजगार और पेपर लीक की व्यवस्था दी

लखनऊ, 26 मई (हि.स.)। लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रही अव्यवस्थाओं ने यह साबित कर दिया है कि देश और प्रदेश की परीक्षा प्रणाली पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार भ्रष्टाचार, पेपर माफियाओं तथा कुप्रबंधन के सामने पूरी तरह असहाय नजर आ रही है। यह आरोप आम आदमी पार्टी (आआपा) उत्तर प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता वंशराज दुबे ने मंगलवार को लगाए। वे नीट परीक्षा विवाद के बाद एसएससी जीडी परीक्षा में सामने आए पेपर लीक मामले पर मीडिया से बात कर रहे थे।

वंशराज दुबे ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में एसएससी जीडी परीक्षा से जुड़े गंभीर खुलासे सामने आए हैं। ग्रेटर नोएडा और रांची सहित विभिन्न स्थानों से ऐसे गिरोहों का खुलासा हुआ है, जो अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लेकर परीक्षा पास कराने का दावा कर रहे थे। जांच एजेंसियों द्वारा नकदी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और परीक्षा संबंधी दस्तावेज बरामद किए गए हैं तथा तकनीकी माध्यमों से परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के आरोप सामने आए हैं। जब देश अभी तक नीट महाघोटाले के घाव से उबर नहीं पाया है, उसी बीच एसएससी जीडी परीक्षा पर उठे सवाल युवाओं के भरोसे को तोड़ने वाले हैं।

वंशराज दुबे ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह मजाक बना दिया गया है। उत्तर प्रदेश में शायद ही कोई ऐसी परीक्षा बची हो जिस पर विवाद न हुआ हो। कहीं पेपर लीक हो जाता है, कहीं सर्वर फेलियर का बहाना बना दिया जाता है तो कहीं सेंटर मिसमैनेजमेंट छात्रों के भविष्य को निगल जाता है। उन्होंने कहा कि एसएससी जीडी परीक्षा में कई केंद्रों पर क्षमता से अधिक अभ्यर्थियों को बुलाया गया जबकि व्यवस्थाएं आधी भी नहीं थीं। छात्रों काे परीक्षा वाले दिन अव्यवस्था, अराजकता और निराशा ही मिली।

सत्ता में आने से पहले हर साल दो करोड़ रोजगार देने का भाजपा ने वादा किया गया था, लेकिन आज स्थिति यह है कि रोजगार देने के बजाए युवाओं को बेरोजगारी, पेपर लीक, परीक्षा रद्दीकरण और सर्वर फेलियर की व्यवस्था दी गई है। पेपर लीक और भर्ती घोटाले अब भाजपा सरकार की स्थायी पहचान बन चुके हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा