महिला आरक्षण बिल गिराने का विपक्ष पर आरोप पूरी तरह झूठ और भ्रामक : संजय सिंह

 


“डिलिमिटेशन के नाम पर उत्तर-दक्षिण में संघर्ष कराने की कोशिश को विपक्ष ने मिलकर रोका”

लखनऊ/नई दिल्ली, 18 अप्रैल (हि.स.)। आम आदमी पार्टी (आआपा) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने शनिवार को जारी अपने बयान में महिला आरक्षण बिल को लेकर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार और संसद में डिलिमिटेशन से जुड़े घटनाक्रम पर केंद्र सरकार तथा भाजपा पर तीखा और सीधा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण बिल न तो गिरा है और न ही उसमें कोई बदलाव हुआ है, बल्कि यह पहले से पारित और लागू है। विपक्ष ने केवल उस संशोधन को गिराया है जिसके जरिए भाजपा महिला आरक्षण की आड़ में डिलिमिटेशन के माध्यम से देश में विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देना चाहती थी।

संजय सिंह ने कहा कि बीते एक दिन से पूरे देश में झूठ और भ्रम का माहौल बनाया जा रहा है कि विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल गिरा दिया, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल आज भी पूरी तरह लागू है और केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल 2026 को, पूरे तीन साल बाद, उसे आनन-फानन में नोटिफाई किया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर तीन साल तक इस बिल को क्यों लटकाकर रखा गया और अब अचानक इसे लागू करने की क्या मजबूरी आ गई।

संजय सिंह ने कहा कि भाजपा महिला अधिकारों के नाम पर राजनीति कर रही है, जबकि उसका रिकॉर्ड इसके उलट है। उन्होंने कहा कि जो पार्टी मणिपुर की घटनाओं पर चुप रहती है, हाथरस कांड पर चुप रहती है, अंकिता भंडारी जैसे मामलों में चुप्पी साध लेती है, वह आज महिला हितैषी बनने का नाटक कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस विचारधारा में महिलाओं को बराबरी का स्थान नहीं मिला, वह आज महिलाओं के नाम पर वोट मांग रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से लाया गया संशोधन वास्तव में “महिला आरक्षण बिल” नहीं बल्कि “बीजेपी जिताओ बिल” था, जिसका मकसद चुनावी गणित के आधार पर अपनी सीटें बढ़ाना और लोकतंत्र को कमजोर करना था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल महिला अधिकारों की आड़ में राजनीतिक लाभ लेने का एक सुनियोजित षड्यंत्र था, जिसे विपक्ष की एकजुटता ने संसद में पूरी तरह नाकाम कर दिया।

संजय सिंह ने कहा कि वर्ष 2023 में पारित बिल में स्पष्ट था कि पहले जनगणना होगी, फिर डिलिमिटेशन और उसके बाद आरक्षण लागू होगा, जिसका मतलब यह था कि यह व्यवस्था 2034 तक टल सकती थी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने तब भी मांग की थी कि 543 सीटों में तत्काल 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू किया जाए, लेकिन सरकार ने इसे टाल दिया। उन्होंने दोहराया कि आज भी आम आदमी पार्टी की यही मांग है कि 543 सीटों में 33 प्रतिशत आरक्षण तुरंत लागू किया जाए।

संजय सिंह ने देश की जनता से अपील की कि वे इस तरह के भ्रामक प्रचार और विभाजनकारी राजनीति से सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि सच्चा देशभक्त वही है जो देश में शांति, एकता और सद्भाव बनाए रखने के पक्ष में खड़ा हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ खिलवाड़ जारी रखा, तो जनता उसे करारा जवाब देने के लिए तैयार बैठी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा