यूपीआई टैक्स के विरोध में आम आदमी पार्टी व्यापार प्रकोष्ठ ने किया प्रदर्शन

 




पूंजीपतियों के कर्ज माफ और छोटे कारोबारियों पर टैक्स का चाबुक, यही है भाजपा का दोहरा चरित्र: मनोज मिश्रा

लखनऊ, 19 सितंबर (हि.स.)। डिजिटल भुगतान (यूपीआई) पर 0.4 प्रतिशत नया टैक्स के विरोध में शनिवार को आम आदमी पार्टी(आआपा)'व्यापार प्रकोष्ठ' उत्तर प्रदेश ने राजधानी लखनऊ स्थित स्वास्थ्य भवन चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को जनविरोधी बताते हुए नारेबाजी की और आरोप लगाया कि उक्त टैक्स से गरीब, छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग की जेब पर महंगाई का एक और बोझ सरकार द्वारा डाला जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने कहा कि सरकार ने अब चुपके से यूपीआई पर 0.4 फीसदी टैक्स लगाने का फैसला किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ मिलकर बड़ी ही चालाकी, विनम्रता और सादगी से इसे धीरे से देश पर थोप दिया गया, ताकि जनता को इसकी भनक तक न लगे। उन्होंने कहा कि जब इन्हें ‘डिजिटल इंडिया’ का प्रचार करना था, तब तो पूरे देश में ढिंढोरा पीटा जा रहा था, लेकिन आज जब देश का हर नागरिक और व्यापारी डिजिटल लेनदेन करने लगा है, तो सरकार से यह पच नहीं रहा और अब वे इस पर टैक्स वसूलने पर उतारू हो गए हैं।

प्रदेश अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने हुंकार भरते हुए कहा कि राज्यसभा सांसद संजय सिंह के आह्वान पर आम आदमी पार्टी व्यापारियों के हक की यह लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से लड़ेगी।

प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी लखनऊ की ज़िलाध्यक्ष इरम रिज़वी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राजधानी लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में रेहड़ी-पटरी, ठेले वाले और छोटे दुकानदार पहले से ही महंगाई और स्थानीय स्तर पर उत्पीड़न से परेशान हैं। ऐसे में डिजिटल लेन-देन पर टैक्स लगाकर सरकार सीधे गरीबों के मुंह से निवाला छीनने की कोशिश कर रही है।

इस मौके पर अवध प्रान्त के उपाध्यक्ष अभिषेक प्रताप सिंह, व्यापार प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष वंश बहादुर सिंह, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव नूर सिद्दीकी, ज़िलाध्यक्ष इरम रिज़वी, प्रदेश प्रवक्ता संजीव निगम, पी.के. बाजपेई, बाराबंकी से व्यापार प्रकोष्ठ के साथी लवी, रवि प्रभाकर, सुबोध और सोनू सहित सैकड़ों की संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और व्यापारी बंधु मौजूद रहे। इस दौरान अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव नूर सिद्दीकी ने भी मंच से यूपीआई टैक्स के खिलाफ आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के अंत में पुलिस ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा