हाथरस में आंधी ने मचाई तबाही, फसलें चौपट

 


सादाबाद कस्बा, देहात में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि किसानों की बढ़ाई परेशानी

हाथरस, 31 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सादाबाद क्षेत्र में रविवार शाम क्षेत्र में तेज आंधी, बारिश और भीषण ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई। प्राकृतिक आपदा से बाजरा, मक्का और उड़द की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर मकानों को भी नुकसान पहुंचा है, जबकि एक गांव में हाईटेंशन लाइन का तार गिरने से एक भैंस की मौके पर ही मौत हो गई।

सादाबाद-जलेसर, सादाबाद-मुरसान और सादाबाद-बहदोई मार्गों से जुड़े गांवों में ओलावृष्टि से किसानों को भारी क्षति हुई है। गांव सलेमपुर के किसान ओमवीर सिंह ने बताया कि उनकी लगभग 12 बीघा मक्का, 35 बीघा उड़द और 15 बीघा अन्य फसलें ओलों की चपेट में आकर बर्बाद हो गईं। क्षेत्र के सैकड़ों बीघा फसलें भी इसी तरह प्रभावित हुई हैं। किसानों के अनुसार, फसलें कटाई के लिए तैयार थीं, लेकिन ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया।

थाना चंदपा क्षेत्र के गांव बिसाना में दिनेश कुमार पुत्र बनी सिंह की एक भैंस की मौत हाईटेंशन लाइन का तार गिरने से हो गई। आंधी के दौरान एक पेड़ बिजली की हाईटेंशन लाइन पर गिर गया, जिससे तार टूटकर नीचे खड़ी भैंस पर आ गिरा। करंट लगने से भैंस ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जिससे पशुपालक को आर्थिक हानि हुई।

गांव कजरौठी में शिशुपाल सिंह पुत्र सुखराम सिंह के दो मंजिला मकान के ऊपरी हिस्से की टीनशेड और दीवार तेज आंधी में ढह गई। मलबा नीचे गिरने से घर का सामान क्षतिग्रस्त हो गया। पीड़ित के अनुसार, इस घटना में लगभग पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। राहत की बात यह रही कि हादसे के वक्त परिवार के सदस्य घर के बाहर टीनशेड के नीचे बैठे थे, जिससे वे बाल-बाल बच गए और कोई जनहानि नहीं हुई।

एसडीएम मनीष चौधरी ने बताया कि फसलों और मकानों को हुए नुकसान की सूचना प्रशासन को मिल गई है। क्षेत्रीय लेखपालों को मौके पर भेजकर सर्वेक्षण कराया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद शासन के नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मदन मोहन राना