राज्य संग्रहालय में एक महीने तक चलेगी ‘आदियोगी शिव’ प्रदर्शनी

 


लखनऊ,17 मई (हि.स.)। अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2026 के अवसर पर राजधानी लखनऊ के राज्य संग्रहालय में कला, संस्कृति और विरासत से जुड़े कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 19 मई को आयोजित होने वाले इस समारोह में पाश्चात्य शैली मूर्तिकला वीथिका का लोकार्पण किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर प्रो.मांडवी सिंह, प्रो.राजीव नयन और प्रसिद्ध कलाकार संगीता गुप्ता भी उपस्थित रहेंगी।

इसी दौरान 'आदियोगी शिव: ए जर्नी इन कॉस्मिक इंडिगो' नामक विशेष टेक्सटाइल प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया जाएगा। यह प्रदर्शनी 19 मई से 19 जून 2026 तक राज्य संग्रहालय की अस्थाई वीथिका में आम दर्शकों के लिए लगाई जाएगी। प्रदर्शनी के माध्यम से भगवान शिव की आध्यात्मिक अवधारणा,भारतीय कला और वस्त्र परंपरा को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि यह प्रदर्शनी युवाओं और कला प्रेमियों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर देगी।

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों और युवाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया है। इसके अंतर्गत अन्तर्विद्यालयीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता,अन्तर्विद्यालयीय निबंध प्रतियोगिता और विश्वविद्यालय स्तरीय कैनवास पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।

इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य नई पीढ़ी को संग्रहालयों,इतिहास,कला और भारतीय संस्कृति से जोड़ना तथा उनमें रचनात्मकता और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के दौरान प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार भी वितरित किए जाएंगे।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि,संग्रहालय हमारी सांस्कृतिक विरासत,इतिहास और सभ्यता के जीवंत केंद्र हैं,जो नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और भारतीय परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि कला, इतिहास और संस्कृति से जुड़े ऐसे आयोजन युवाओं में रचनात्मकता और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने के साथ उन्हें भारतीय विरासत को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

पर्यटन मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार संग्रहालयों को केवल प्रदर्शनी स्थल नहीं,बल्कि सांस्कृतिक संवाद और सीखने के सशक्त मंच के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन