मो. दानिश की गायकी पर झूमे श्रोता, देवा मेले में सजी सुरों की महफिल
बाराबंकी, 28 अक्टूबर (हि.स.)। ऐतिहासिक देवा मेला-2026 की सांस्कृतिक संध्या में इंडियन आइडल फेम गायक मो. दानिश ने अपनी शानदार गायकी से श्रोताओं का दिल जीत लिया। लोकप्रिय गीतों और सूफियाना अंदाज से सजी उनकी प्रस्तुति ने सांस्कृतिक पंडाल में ऐसा माहौल बनाया कि दर्शक तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाते रहे। संगीत की मधुर धुनों के बीच पूरा पंडाल उल्लास से सराबोर नजर आया।
मो. दानिश ने ‘छैंया-छैंया’ गीत से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद ‘मेरे रश्के कमर’ और ‘कजरा मोहब्बत वाला’ की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने ‘काली-काली जुल्फों के’, ‘ये जो हल्का-हल्का सुरूर है’, ‘सांसों की माला पे’, ‘तेरी दीवानी’ और ‘रमता जोगी’ जैसे लोकप्रिय गीत भी सुनाए। उनकी आवाज और दिलकश अंदाज ने संगीत प्रेमियों को देर तक बांधे रखा। हर प्रस्तुति के बाद पंडाल तालियों की गूंज से भर उठता था।
कार्यक्रम के दौरान जनपद न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव, अपर जनपद न्यायाधीश श्रीकृष्ण चन्द्र सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) निरंकार सिंह और उपजिलाधिकारी नवाबगंज गुंजिता अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने गायक मो. दानिश को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के बीच गायक ने जनगणना के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने लोगों को स्व-गणना के प्रति जागरूक करते हुए इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की नगरी में आयोजित देवा मेला आस्था, संगीत और गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक है। मो. दानिश की शानदार प्रस्तुति ने मेले की सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज कुमार चतुवेर्दी