पान मसाला पर योगी सरकार का बड़ा प्रहार, 15.70 करोड़ का संदिग्ध माल जब्त

 

 कानपुर-लखनऊ में खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष अभियान, 55 इकाइयों की जांच में लिए गए 92 नमूने

339.69 क्विंटल संदिग्ध खाद्य पदार्थ व अपमिश्रक जब्त, 36.15 क्विंटल गुणवत्ताहीन सामग्री नष्ट

तंबाकू-पान मसाला एक ही परिसर में बनाने वाली चार इकाइयों पर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई

अपर आयुक्त रेखा एस चौहान के नेतृत्व में अकेले कानपुर में 41 पान मसाला निर्माण इकाइयों का निरीक्षण, लगभग 15 करोड़ की सामग्री जब्त

दो इकाइयों के लाइसेंस निलंबित, अन्य संबंधित इकाइयों के लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया जारी

लखनऊ/कानपुर, 22 अगस्त। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ योगी सरकार ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई कर बड़ा संदेश दिया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए), उत्तर प्रदेश ने कानपुर नगर और लखनऊ में पान मसाला निर्माण इकाइयों के खिलाफ व्यापक विशेष अभियान चलाकर 15.70 करोड़ रुपये मूल्य से अधिक के 339.69 क्विंटल संदिग्ध खाद्य पदार्थ एवं अपमिश्रक जब्त किए हैं। अभियान के दौरान 92 नमूने जांच के लिए लिए गए, जबकि खराब और शीघ्र क्षरणीय 36.15 क्विंटल सामग्री, जिसकी कीमत 10.18 लाख रुपये है, मौके पर नष्ट कराई गई।

52 खाद्य सचल दस्तों ने कार्रवाई को दिया अंजाम
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ रोशन जैकब के निर्देशन में 52 खाद्य सचल दलों को अभियान में लगाया गया। दोनों जनपदों में कुल 55 पान मसाला निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया गया। इनमें 19 इकाइयां क्रियाशील मिलीं, जबकि 36 इकाइयां विभिन्न कारणों से बंद पाई गईं। विभाग ने बंद इकाइयों की भी गतिविधियों की जांच की और जहां पान मसाला निर्माण के लिए प्राप्त लाइसेंस की आड़ में अन्य कारोबार संचालित किया जा रहा था, वहां कारण बताओ नोटिस जारी कर लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए।

कानपुर में बड़ी कार्रवाई, 15 करोड़ से अधिक की सामग्री जब्त
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश की अपर आयुक्त (प्रशासन) रेखा एस. चौहान के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में कानपुर नगर की 41 पान मसाला निर्माण इकाइयों का प्रदेश स्तर के अधिकारियों की 41 टीमों द्वारा व्यापक निरीक्षण किया गया। इनमें 12 इकाइयां कार्यशील और 29 गैर-कार्यशील मिलीं। कार्यशील इकाइयों में ग्रीनवर्थ इंटरप्राइजेज प्रा.लि. (एसएनके), एए फ्लावर्स इंटरनेशनल प्रा.लि. (सिग्नेचर), त्रिमूर्ति फ्रेशनर एंड फ्लेवर्स, राओडर पेट्रोलियम, राधा रानी फ्रेगरेंस, केवीएम फ्रेगरेंस, बालाजी फ्रेगरेंस, डीयू ट्रेडिंग कंपनी, मां विंध्यवासिनी टोबैको प्रा.लि., ओम एंड कंपनी, श्री कृष्णा फ्रेगरेंस और विजय एंड कंपनी शामिल हैं। ग्रीनवर्थ इंटरप्राइजेज (एसएनके ब्रांड) का अपर आयुक्त ने स्वयं पूरी यूनिट में जाकर निरीक्षण किया। वहां मिली गंभीर अनियमितताओं के बाद अधिकारियों को कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके अनुपालन में 10 नमूने लेकर करीब 13.5 करोड़ रुपये मूल्य की खाद्य सामग्री सीज की गई तथा इकाई की अनुज्ञप्ति निलंबित कर खाद्य कारोबार बंद करा दिया गया।

एसएनके ब्रांड की इकाई से करीब 13 करोड़ रुपये की जब्ती
अभियान के दौरान राधा रानी फ्रेगरेंस में एक ही परिसर में पान मसाला और तंबाकू का निर्माण पाए जाने पर अनुज्ञप्ति निलंबित कर परिसर को पूरी तरह सील कर दिया गया तथा 72 हजार रुपये की सुपारी जब्त की गई। एए फ्लावर्स इंटरनेशनल से 10 नमूने लेकर 15.16 लाख रुपये, श्री कृष्णा फ्रेगरेंस से करीब 9 लाख रुपये, ओम एंड कंपनी से 19.5 लाख रुपये तथा त्रिमूर्ति फ्रेशनर एंड फ्लेवर्स से करीब 45 लाख रुपये की खाद्य सामग्री जब्त की गई। पूरे अभियान में सक्रिय इकाइयों से कुल 59 नमूने लिए गए और अस्वच्छ परिस्थितियों, कच्चे माल के स्रोत का अभिलेख न होने, पैकेट पर वैधानिक चेतावनी का नियमानुसार उल्लेख न करने, औद्योगिक प्रयोजन वाले चूने के इस्तेमाल तथा एक ही परिसर में तंबाकू-पान मसाला निर्माण जैसी अनियमितताओं के आधार पर 7 इकाइयों से 15 करोड़ रुपये से अधिक की खाद्य सामग्री एवं अपमिश्रक जब्त किए गए। इसमें अकेले एसएनके ब्रांड की इकाई से करीब 13 करोड़ रुपये की जब्ती हुई, जबकि शेष करीब 2 करोड़ रुपये की सामग्री अन्य 6 इकाइयों से जब्त की गई। कार्रवाई में दो इकाइयों के लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं, जबकि अन्य संबंधित इकाइयों के लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया जारी है।

लखनऊ में गोमती समेत कई ब्रांड जांच के घेरे में
लखनऊ में भी अभियान के दौरान बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई। राज किशोर सन्स 1972 प्रा.लि. (आरके ब्रांड) से पांच नमूने लेकर 76 किलोग्राम सामग्री जब्त की गई। परिसर में 72 किलोग्राम तंबाकू का निर्माण होता पाया गया, जिसे प्रतिबंधित किया गया। एक ही परिसर में पान मसाला, सुपारी और तंबाकू का निर्माण मिलने पर लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई। शिमला द बालाजी स्पेशल फ्लेवर्स प्रा.लि. (कायम ब्रांड) से सात नमूने लेकर 3,404 किलोग्राम सामग्री, करीब 38.54 लाख रुपये मूल्य की, जब्त की गई। केवीएन एफएमसीजी प्रा.लि. (कमला पसंद एवं राजश्री ब्रांड) से चार नमूने लिए गए और 2,459.4 किलोग्राम कत्था पाउडर, करीब 18.44 लाख रुपये मूल्य का, जब्त किया गया।
सत्य नारायण केशो राम प्रा.लि. (कलश ब्रांड) से 10 नमूने लिए गए। यहां 148 किलोग्राम सिंथेटिक परफ्यूमरी कंपाउंड, तंबाकू और सैकरीन जब्त किए गए। तंबाकू और पान मसाला निर्माण एक ही परिसर में पाए जाने पर लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई। वहीं गोमती इंडस्ट्रीज प्रा.लि. से नौ नमूने लेकर 12,307.4 किलोग्राम खाद्य पदार्थ, जिसकी अनुमानित कीमत 59.38 लाख रुपये है, जब्त किया गया। शिमला गोमती पान प्रोडक्ट्स प्रा.लि. से 245 किलोग्राम पान मसाला जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 6.89 लाख रुपये आंकी गई।

प्रतिबंधित रसायनों पर भी कसा शिकंजा
अभियान में चार इकाइयों में हानिकारक अपमिश्रक एवं रसायन पाए गए। इनमें औद्योगिक चूना, मैग्नीशियम कार्बोनेट, गैम्बियर, लिक्विड पैराफिन और प्रतिबंधित रंग से रंगी सुपारी जैसी सामग्री शामिल है। विभाग ने संबंधित अपमिश्रकों और खाद्य पदार्थों को जब्त अथवा नष्ट कराने के साथ लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
वहीं 10 इकाइयों में हाइजीन, सेनेटरी व्यवस्था और अन्य कमियां मिलने पर सुधार सूचना नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

तंबाकू-पान मसाला साथ बनाने पर लाइसेंस निलंबित
अभियान में चार इकाइयों में तंबाकू और पान मसाला का निर्माण एक ही परिसर में पाया गया। विभाग के अनुसार यह खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विक्रय एवं प्रतिषेध) विनियम, 2011 के विनियम 2.3.4 तथा विभाग द्वारा जारी प्रतिबंध आदेश के विपरीत है। ऐसी इकाइयों का लाइसेंस निलंबित करते हुए निर्माण कार्य बंद कराया जा रहा है तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 34 के तहत आकस्मिक प्रतिषेध आदेश जारी किए जा रहे हैं।