मुरादाबाद के लोदीपुर धाम में पांच साै साल का विशाल खेजड़ी वृक्ष लोगों की पूरी करता है मुरादें

 


मेला कमेटी से जुड़े भाजपा पार्षद दल के उप नेता सुरेंद्र विश्नोई ने दी जानकारी

मुरादाबाद, 17 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में स्थित बिश्नोई समाज का सबसे बड़ा मंदिर व अष्ट धाम में से एक लोदीपुर धाम मुरादाबाद जनपद के ग्राम लोदीपुर में स्थित है। लोदीपुर धाम में प्रति वर्ष चैत्र की अमावस्या को विशाल मेला लगता है। इस मेले में मुरादाबाद के अलावा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों और हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, एमपी, गुजरात, राजस्थान से विश्नोई समाज के श्रद्धालु प्रसाद चढ़ाने आते है। साथ ही श्रद्धालु गुरु जांभोजी के दर्शन भी करते हैं। एक दिन पूर्व कांठ राेड स्थित पीएसी तिराहे से लोदीपुर धाम तक विशाल शोभायात्रा बैंड बाजे और झांकियां के साथ निकलती है।

मुरादाबाद रेलवे स्टेशन से लगभग 5 किमी दूर मुरादाबाद-दिल्ली रेलवे लाईन के किनारे लोदीपुर में लोदीपुर धाम बना हुआ है। मेला कमेटी से जुड़े भाजपा पार्षद दल के उप नेता सुरेंद्र विश्नोई ने बताया कि लोदीपुर धाम में शिलापट पर गुरु जंभेश्वर के वास्तविक चरण चिन्ह हैं। भक्त सुरजा देवी को दर्शन देने के लिए करीब 500 वर्ष पहले लोदीपुर धाम आए गुरु जंभेश्वर महराज ने शिला पर चरण चिन्ह छोड़े थे। लोदीपुर धाम में 13 दिन रुककर सत्संग, उपदेश, शबदवाणी, यज्ञादि करवाया और चैत्र अमावस्या को यहां से विदा ली थी। चैत्र अमावस्या पर तभी से लोदीपुर धाम में प्रति वर्ष मेला लगता है।

सुरेंद्र विश्नोई ने आगे बताया कि गुरु जंभेश्वर महराज ने अपने अनुयायियों में वृक्ष-प्रेम की भावना जाग्रत करने के उद्देश्य से खेजड़ी का एक वृक्ष लगाया था। 500 वर्ष पूर्व लगा यह विशाल खेजड़ी वृक्ष लोगों की मुरादें पूरी कर रहा है। खेजड़ी वृक्ष में धागा बांधकर परिवार तथा समाज की खुशहाली की मन्नतें मांगते है। मेले में हरियाणा पंजाब, दिल्ली, एमपी, गुजरात, राजस्थान, यूपी के विभिन्न हिस्सों से विश्नोई समाज के लोग पहुंचते है।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल