नौकरी के साथ पढ़ाई का मौका, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को ओडीएल पाठ्यक्रमों में 50 फीसदी फीस छूट : कुलपति

 


कानपुर, 16 अगस्त (हि.स.)। नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण किसी कर्मचारी की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। विश्वविद्यालय कर्मचारियों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनकी शैक्षणिक योग्यता और करियर को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग करेगा। यह बातें रविवार को कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कही।

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के कर्मचारियों को ऑनलाइन एवं दूरस्थ शिक्षा (ओडीएल) केंद्र की ओर से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए विशेष अभिमुखीकरण सत्र आयोजित किया गया। इसमें कर्मचारियों को ऑनलाइन एवं दूरस्थ शिक्षा के पाठ्यक्रमों, प्रवेश प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई। इस दौरान कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए सभी दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा पाठ्यक्रमों में 50 प्रतिशत शुल्क छूट की घोषणा की।

कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने कर्मचारियों को केवल कार्यबल नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय परिवार का महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है। शिक्षा नौकरी, आर्थिक स्थिति या व्यस्तता के कारण रुकनी नहीं चाहिए। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि कर्मचारी अपनी शैक्षणिक योग्यता बढ़ाकर बेहतर अवसर हासिल कर सकें और करियर में आगे बढ़ें।

दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र के अंतर्गत बीए, बीबीए, बीकॉम, बीसीए, एमए, एमबीए, एमकॉम और एमसीए समेत विभिन्न स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। कर्मचारी अपनी रुचि और भविष्य की जरूरत के अनुसार इन पाठ्यक्रमों का चयन कर सकते हैं।

दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र के निदेशक डॉ. एसके द्विवेदी ने कहा कि कई कर्मचारी नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते नियमित पढ़ाई जारी नहीं रख पाते। ऐसे कर्मचारियों के लिए दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था उच्च शिक्षा से जुड़े रहने का सुविधाजनक माध्यम है। केंद्र की ओर से अध्ययन सामग्री, शैक्षणिक मार्गदर्शन और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराकर कर्मचारियों की शैक्षणिक यात्रा को आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

डॉ. एसके द्विवेदी ने कहा कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था की जरूरत है, जो व्यक्ति की दिनचर्या और जिम्मेदारियों के साथ चल सके। नौकरी करने वाला कर्मचारी भी अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई जारी रखते हुए योग्यता बढ़ा सके। उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत शुल्क छूट कर्मचारियों के लिए आर्थिक बाधा कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र की ओर से विद्यार्थियों को डिजिटल अध्ययन मंच, ई-पुस्तकालय, अध्ययन सामग्री, शैक्षणिक परामर्श, कंप्यूटर प्रयोगशाला, वाई-फाई और रोजगार सहायता जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। विश्वविद्यालय का मानना है कि इन सुविधाओं से नियमित कक्षाओं में शामिल नहीं हो पाने वाले कर्मचारी भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।

विश्वविद्यालय की इस पहल को कर्मचारियों के शैक्षणिक विकास और करियर उन्नति से जोड़कर देखा जा रहा है। शुल्क में 50 प्रतिशत छूट मिलने से कर्मचारियों को उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा और वे नौकरी के साथ अपनी शैक्षणिक योग्यता भी बढ़ा सकेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप