मुरादाबाद : तेंदुआ प्रभावित 40 गांवों में कुल 49 पिंजरे लगाए गए

 


मुरादाबाद, 11 सितम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद जनपद में मानव-तेंदुआ संघर्ष की रोकथाम एवं तेन्दुओं की सुरक्षित निगरानी के लिए वन विभाग द्वारा ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र में वृहद स्तर पर रेस्क्यू एवं जन-जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। जनपद में तेंदुआ प्रभावित 40 गांवों में कुल 49 पिंजरे लगाए गए हैं। तेन्दुओं की उपस्थिति एवं पहचान करने के लिए 40 ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। जिले में ट्रैप केज के माध्यम से तेरह तेंदुओं का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया जा चुका हैं।

अभियान के तहत ठाकुरद्वारा तहसील के बलियावाला, बल्लमगढ़, बाहपुर, लालापुर पीपलसाना, सूरजननगर, सुल्तानपुर दोस्त, सरकड़ा परम आदि गांवों तथा कांठ तहसील के ग्राम रम्पुरा, दयानाथपुर, कुपावली, चौहरा रसूलपुर, सलेमपुर, राजीपुर, पाइंदापुर आदि गांवों में लगाए गए पिंजरों का निरीक्षण किया गया। वनकर्मियों द्वारा पिंजरों की नियमित निगरानी भी की जा रही है।

प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी डॉ विनय कुमार सिंह ने बताया कि वन विभाग की रेस्क्यू टीम को किशनपुर गामड़ी, सरकड़ा परम, मुल्तावान आदि संवेदनशील गांवों में तेन्दुआ दिखाई देने की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर तेन्दुए की लोकेशन ट्रैक की गई तथा चिन्हित स्थलों पर पिंजरे लगाए गए हैं।

इसके साथ ही ग्राम मलाकपुर सेमली, बहादरनगर, शेरपुर पट्टी, गामड़ी, लालापुर पीपलसाना, बाहपुर, पीपली घनश्याम, किशनपुर गामड़ी, मेंढया, सरकड़ा करीम, सुल्तानपुर दोस्त आदि संवेदनशील ग्रामों में लाउडस्पीकर युक्त वाहनों के माध्यम से प्रचार-प्रसार कर ग्रामीणों को तेन्दुए से बचाव एवं सावधानी बरतने के संबंध में जागरूक किया जा रहा है।

रेस्क्यू टीम द्वारा तेन्दुआ प्रभावित क्षेत्रों में दिन-रात सतत निगरानी की जा रही है। संवेदनशील गांवों के विभिन्न स्कूलों एवं विद्यालयों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं तथा अध्यापकों को भी तेन्दुए से बचाव एवं आवश्यक सावधानियों के संबंध में जानकारी दी जा रही है।

उन्होंने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जनपद मुरादाबाद में तेन्दुआ प्रभावित 40 गांवों में कुल 49 पिंजरे लगाए गए हैं। तेन्दुओं की उपस्थिति एवं पहचान करने के लिए 40 ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। साथ ही वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की टीमों द्वारा कैमरों को लगाने तथा उनसे प्राप्त फोटो एवं अन्य गतिविधियों का अध्ययन किया जा रहा है, जिससे तेन्दुओं की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल