कानपुर के काकादेव में 24 घंटे के भीतर 30 कोचिंग संस्थान सील हुए
कानपुर, 23 जून (हि.स.)। लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने काकादेव में सुरक्षा मानकों की पड़ताल के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है। कार्रवाई की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले 24 घंटे के भीतर 30 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया। जांच के दौरान कई संस्थान भवन उपयोग, अग्नि सुरक्षा और अन्य अनिवार्य मानकों का पालन करते नहीं मिले।
काकादेव प्रदेश के सबसे बड़े कोचिंग केंद्रों में गिना जाता है, जहां हर वर्ष हजारों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पहुंचते हैं। क्षेत्र में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान ऐसे भवनों में संचालित हो रहे हैं, जिन्हें मूल रूप से आवासीय उपयोग के लिए बनाया गया था। लखनऊ हादसे के बाद ऐसे भवनों की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन प्रणाली को लेकर प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है।
केडीए ने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए चार विशेष टीमों का गठन किया है। ये टीमें क्षेत्र की अलग-अलग गलियों और भवनों का निरीक्षण कर रही हैं। जांच के दौरान भवनों के स्वीकृत मानचित्र, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग, पार्किंग व्यवस्था और बेसमेंट के उपयोग की स्थिति का परीक्षण किया जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार देर रात तक 16 कोचिंग संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई थी। मंगलवार को अभियान और तेज किया गया, जिसके बाद सील किए गए संस्थानों की संख्या बढ़कर 30 पहुंच गई। कई स्थानों पर आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती मिलीं, जबकि कुछ भवनों में अग्नि सुरक्षा से जुड़े आवश्यक प्रबंध भी नहीं पाए गए।
केडीए सचिव अभय पांडेय ने बताया कि लखनऊ की घटना ने सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर संदेश दिया है। बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग संस्थानों में अध्ययन करते हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही को हल्के में नहीं लिया जा सकता। इसी उद्देश्य से सभी संस्थानों की गहन जांच कराई जा रही है ताकि भविष्य में किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।
जांच के दौरान विशेष रूप से उन भवनों को चिन्हित किया जा रहा है जहां पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था नहीं है, आपातकालीन निकास के मानकों का पालन नहीं किया गया है या बेसमेंट का उपयोग स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किया जा रहा है। ऐसे मामलों में भवन स्वामियों और संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
केडीए अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल कोचिंग संस्थानों तक सीमित नहीं रहेगा। जिन भवनों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती मिलेंगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सभी टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रत्येक भवन का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि इससे पहले भी विशेष अभियान चलाकर 100 से अधिक बेसमेंट और नियम विरुद्ध संचालित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। मौजूदा अभियान को और व्यापक बनाते हुए सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि किसी भी स्तर पर चूक की गुंजाइश न रहे।
अधिकारियों के अनुसार जहां भी भवन निर्माण, उपयोग या अग्नि सुरक्षा संबंधी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संस्थान को नियमों की अनदेखी की अनुमति नहीं दी जा सकती। लखनऊ की घटना के बाद काकादेव में चल रहा यह अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहने की संभावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप