बिलारी कोतवाली के गांव में फिर मिले तेंदुए के तीन शावक

 


मुरादाबाद, 06 मई (हि.स.)। मुरादाबाद जनपद के थाना बिलारी कोतवाली क्षेत्र के धनुपुरा तुरखेड़ा गांव के जंगल में एक किसान के गन्ने के खेत में बुधवार शाम को फिर तेंदुए के तीन शावक बैठे मिले। खेत के निकट तेंदुए के पंजे के निशान भी मिले हैं। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जांच-पड़ताल की और ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की। वन विभाग ने शावकों के मिलने वाले स्थान पर वन कर्मियों को तैनात किया है। 0 2 दिन पूर्व भी इसी खेत में तेंदुए के तीन शावक बैठे मिले थे।

बिलारी निवासी अरविंद सिंह का धनुपुरा तुरखेड़ा गांव के जंगल में खेत है। आज शाम करीब 6:30 बजे उनके खेत में मजदूर गन्ने की छिलाई कर रहे थे। इस दौरान उन्हें तेंदुए के शावकों के रोने की आवाज सुनाई दी। जब मजदूर मौके पर पहुंचे तो उन्हें गन्ने की जड़ में तेदुएं के तीन शावक बैठे मिले। मजदूरों ने तीनों शावकों को गन्ने के पत्तों से ढक दिया और खेत मालिक को सूचना दी।

खेत मालिक की सूचना पर बिलारी के वन दरोगा रामचरन सिंह और वन रक्षक अर्जुन कुमार मौके पर पहुंच गए, उन्होंने तेंदुए के तीनों शावकों के होने की पुष्टि की। वहीं ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़वाए जाने की मांग की।

बुधवार शाम लगभग साढ़े सात बजे बिलारी के वन क्षेत्राधिकारी रिजुल कंसल भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि तेंदुए के शावक मिलने के स्थान के आसपास विभागीय कर्मियों की तैनाती की गई है ताकि कोई ग्रामीण उस इलाके में न जाए। अगर क्षेत्र में कहीं मादा तेंदुआ हो तब उसे किसी शोरगुल का अहसास न हो और वह अपने शावकों को लेने यहां आ जाए।

वहीं वन क्षेत्राधिकारी के अनुसार अभी पिंजरा लगाने की कोई योजना नहीं है। अभी मौके पर यह प्रयास किया जा रहा है कि क्षेत्र में यदि कहीं मादा तेंदुआ हो तब वह रात में किसी समय अपने शावकों को लेने आ सकती है। फिलहाल आसपास के ग्रामों के लोगों को एहतियात के तौर पर अपील की गई है कि वह रात में खुले में न सोएं, जंगल में खेतों पर काम करने अकेले न जाएं। संबंधित इलाके में वन विभाग की टीम रात भर मौजूद रहेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल