श्रीमद्भागवत के श्लोकों से गुंजायमान रही गीतावाटिका
अमेरिका, कनाडा,नेपाल व भारत के सुदूर स्थानों से ऑनलाइन जुड़े श्रद्धालु
गोरखपुर, 30 सितंबर (हि.स.)। सार्वभौम संत भाईजी श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार और उनके नित्य सहचर श्री राधा बाबा की तपोभूमि गीतावाटिका में बुधवार से श्रीमद्भागवत महापुराण का पाठ विधि-विधान व वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुरू हुआ। पितृ पक्ष के अवसर पर शुरू हुआ भागवत पाठ 6 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। वृंदावन से आए और स्थानीय कुल मिलाकर 132 ब्राह्मण पुरोहित इसमें भागीदारी कर रहे हैं। इसमें अमेरिका, कनाडा, नेपाल एवं भारत में सुदूर हैदराबाद आदि स्थानों से भी यजमान ऑनलाइन जुड़कर अपने प्रियजन की मुक्ति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। फेसबुक के माध्यम से इसका ऑनलाइन प्रसारण किया जा रहा है।
गीतावाटिका के पंडाल में प्रातः 8.30 बजे भागवत पाठ शुरू हुआ। भागवत पाठ प्रतिदिन सुबह 8 से दोपहर 12 बजे और अपराह्न 3 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक विश्राम रहेगा। इस कार्यक्रम के लिए वृंदावन से विशेष रूप से सौ ब्राह्मण पुरोहितों को आमंत्रित किया गया है। पांच जापक मंच से भागवत पाठ के श्लोक वाचन कर रहे हैं और 127 ब्राह्मण पुरोहित पंडाल में अपने आसन से उसका अनुसरण कर रहे हैं। श्वेत धोती-कुर्ता और पीत गमछाधारी ब्राह्मण पुरोहितों के भागवत के श्लोकों के उच्चारण से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। गीता वाटिका आ रहे श्रद्धालु भक्तिभाव से श्रीमद्भागवत की परिक्रमा कर रहे हैं। वृंदावन से पधारे आचार्य योगेन्द्र मिश्र ने बताया कि प्रत्येक दिन श्रीमद्भागवत के लगभग 50 अध्याय का पाठ होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय