डीएम की पहल से बाल श्रम से मुक्त हुआ 11 वर्षीय अमन, विद्यालय में कराया गया नामांकन

 


औरैया, 25 जून (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद के जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देशन में गुरुवार काे बाल श्रम उन्मूलन एवं समग्र शिक्षा अभियान के तहत एक सराहनीय पहल करते हुए 11 वर्षीय बालक अमन कुमार को बाल श्रम से मुक्त कराकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया। प्रशासन की इस मानवीय पहल से अमन के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। अमन ने कहा कि वह पढ़-लिखकर अपने गांव, परिवार और देश का नाम रोशन करेगा।

जानकारी के अनुसार अमन कुमार पुत्र स्वर्गीय अरविन्द कुमार निवासी ग्राम मिश्रीपुर ऊँचा, जनपद औरैया, आर्थिक अभाव के चलते बाल श्रम करने को मजबूर था। मामले की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा अमन कुमार का प्राथमिक विद्यालय गपकापुर, विकासखंड भाग्यनगर में कक्षा-5 में तत्काल नामांकन कराया गया। साथ ही छात्र को शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अमन को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां, पेन-पेंसिल, विद्यालयी ड्रेस सहित अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई, ताकि उसकी शिक्षा में किसी प्रकार की आर्थिक बाधा न आए।

जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा प्राप्त करना उसका मौलिक अधिकार है। किसी भी परिस्थिति में बच्चों से श्रम कराना न केवल उनके अधिकारों का हनन है, बल्कि उनके भविष्य के साथ भी अन्याय है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी कोई बच्चा बाल श्रम करते दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन अथवा संबंधित विभाग को दें, ताकि ऐसे बच्चों को मुक्त कराकर उन्हें शिक्षा एवं विकास के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने छात्र के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि नियमानुसार राशन कार्ड बनवाकर परिवार को राशन उपलब्ध कराया जाए। वहीं जिला प्रोबेशन अधिकारी को अमन कुमार की मां से आवश्यक प्रपत्र प्राप्त कर विधवा पेंशन दिलाने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अमन से बातचीत की। जब अमन ने बताया कि उसके पास कोई मोबाइल फोन नहीं है, तो जिलाधिकारी ने तत्काल उसे नया मोबाइल उपलब्ध कराया और उसका मोबाइल नंबर अपने फोन में सुरक्षित किया। जिलाधिकारी की इस संवेदनशील पहल की जनपदभर में सराहना हो रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार